Ram Mandir News: राम मंदिर में करोड़ों की हुई चोरी, फिर SIT के सामने क्यों दिखाए गए केवल 80 लाख?
राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच में रकम को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के पास से ढाई से तीन करोड़ रुपये बरामद किए गए थे. वहीं आरोपियों में से किसी ने घर बनवाया था, सोने-चांदी के गहने खरीदे थे, जमीन खरीदी थी, जिसको मिलाकर माना जा रहा है कि करीब 5 करोड़ की चोरी हुई है|
अयोध्याः राम मंदिर दान चोरी मामले में एसआईटी की जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों के अनुसार चोरी के खुलासे के बाद ट्रस्ट ने खुद संदिग्धों से ढाई से तीन करोड़ रुपये तक की रकम रिकवर कर ली थी. लेकिन एसआईटी व पुलिस की बरामदगी में महज 80 लाख रुपये ही सामने आए. हफ्ते भर तक पूरे मामले को मैनेज करने के बाद एसआईटी जांच की मांग की गई. एसआईटी के सामने एक-तिहाई ही रकम बताई गई. यह इसलिए किया गया कि अगर बड़ी रकम बरामद दिखाई जाती तो सवाल भी और बड़े उठते. जांच में ऐसे तथ्य भी सामने आए हैं|
तीन करोड़ रुपये बरामद किए गए थे
सूत्र का दावा है कि जैसे ही चोरी का खुलासा हुआ ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने फुटेज की मदद से संदिग्धों को पकड़ लिया था. इन सभी से पूछताछ कर रकम की बरामदगी शुरू कर दी गई थी, जिसका जिक्र एसआईटी ने भी अपनी रिपोर्ट में किया है. सूत्र ने बताया कि ढाई से तीन करोड़ रुपये बरामद कर लिए गए थे. मकसद था कि बची रकम भी बरामद कर मामले को दबा दिया जाए. लेकिन मामला खुल गया. एसआईटी व पुलिस ने वही बरामदगी दिखाई, जो ट्रस्ट ने उन्हें उपलब्ध कराई थी|
राम मंदिर दान चोरी का आंकड़ा 5 करोड़ तक पहुंच सकता है
सूत्रों के मुताबिक तकरीबन तीन करोड़ रुपये बरामद हुए थे. वहीं, आरोपियों में से किसी ने नया घर बनवाया तो किसी ने जमीन, खेत, गाड़ी और सोने के गहने खरीदे. इस हिसाब से चोरी की रकम पांच करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है. इसके अलावा चढ़ावा चोरी केस में रिमांड के दौरान आरोपी सुभाष ने बड़ा दावा किया है. रिमांड पर पूछताछ में आरोपी सुभाष श्रीवास्तव ने कई अहम दावे किए. सूत्रों के मुताबिक, सुभाष ने चढ़ावा चोरी में अपनी भूमिका स्वीकार की|
सुभाष ने कहा- पहले भी दान चोरी का मामला आया था सामने
उसने दावा किया कि चढ़ावे में गड़बड़ी की जानकारी पहले से ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों को थी. साथ ही उसने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था. तब कोई कार्रवाई नहीं हुई थी. इसके अलावा सुभाष ने यह भी बताया कि टिन्नू यादव के कहने पर गणना ड्यूटी लगाई जाती थी. सुभाष ने आरोप लगाया कि चोरी की पूरी साजिश टिन्नू, अनुकल्प और लवकुश ने रची थी. साथ ही उसने यह भी स्वीकार किया कि रकम पार होने पर उसे हिस्सा मिला था|
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र









