दलित आदमी की हत्या कर नाले में लाश फेंकने के जुर्म में कपल को उम्रकैद
आगरा: आगरा की एक लोकल कोर्ट ने एक पति-पत्नी को 35 साल के दलित आदमी की हत्या करने, उसकी लाश नाले में फेंकने और उसकी मोटरसाइकिल अपने घर पर छिपाने के जुर्म में उम्रकैद की सज़ा सुनाई है।
जस्टिस न्यूज
प्रॉसिक्यूशन ने गुरुवार को यह जानकारी दी। SC/ST एक्ट कोर्ट के स्पेशल जज शिव कुमार ने इटावा ज़िले के रहने वाले दोषियों चंताई कुमार और उनकी पत्नी सीमा देवी, दोनों पर 56,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
यह मामला 28 अप्रैल, 2022 को तब सामने आया, जब रूमा देवी ने अपने पति नारायण सिंह, गजाधर नगर के, घर वापस न आने पर जैतपुर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि नारायण वैदपुरा गांव में हलवाई का काम करने गया था और शाम करीब 7 बजे अपनी मोटरसाइकिल पर यह कहकर निकला कि वह घर लौट रहा है, लेकिन कभी नहीं पहुंचा।
पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। प्रॉसिक्यूशन ने कहा कि जांच के दौरान, इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर को पता चला कि नारायण के साथ काम करने वाले चंताई और सीमा ने कथित तौर पर सीमा के साथ उसके रिश्ते की वजह से उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने कहा कि चंताई ने इन्वेस्टिगेटर को बताया कि कपल ने नारायण की हत्या की, उसकी बॉडी इटावा के एक नाले में फेंक दी और उसकी मोटरसाइकिल अपने घर पर रख ली। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया, हालांकि बाद में ट्रायल के दौरान उन्हें बेल मिल गई।
पुलिस ने कपल के खिलाफ IPC सेक्शन 302 (मर्डर), 120B (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी), और 201 (सबूत मिटाना) के साथ-साथ SC/ST एक्ट के संबंधित प्रोविजन के तहत चार्जशीट फाइल की। सीनियर प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर मृत्युंजय सिंह ने कहा कि कोर्ट ने ट्रायल के दौरान पेश किए गए सबूतों और गवाहों के बयानों की जांच के बाद दोनों आरोपियों को दोषी पाया।
उन्होंने कहा, “कोर्ट ने दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई और हर एक पर 56,000 रुपये का जुर्माना लगाया। वे ट्रायल के दौरान बेल पर थे और अब उन्हें जेल भेज दिया गया है।”









