बदायूं में दलित युवक की हत्या का मामला:मुकदमे में बढ़ाई गई एससीएसटी की धारा, जांच सीओ को ट्रांसफर
बदायूं के वजीरगंज इलाके में युवक की अपहरण के बाद हत्या के मामले की तफ्तीश सीओ बिसौली को ट्रांसफर हो गई है। वजह है कि मरने वाला मुकेश दलित तबके से था। उसका कत्ल करने वाले आरोपी फिलहाल पुलिस जेल भेज चुकी है। इनमें दो रामपुर जिले के रहने वाले हैं।
दरअसल, वजीरगंज थाना क्षेत्र के मलिन गौटिया गांव का रहने वाला मुकेश (39) सात अगस्त को अपने दोस्त लालाराम के साथ घर से निकला था। मुकेश ने नई बाइक खरीदी थी ऐसे में नई बाइक की दावत लेने के लिए लालाराम उसे घर से बुलाकर ले गया था। जबकि इसके बाद मुकेश घर नहीं लौटा। 10 अगस्त को उसकी पत्नी मानवती ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। 13 अगस्त को तीनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण व हत्या की आशंका में मुकदमा दर्ज हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि लालाराम पहले मुकेश को फैजगंज के सीकरी गांव ले गया। फिर अपने गांव नथपुरा शाहबाद, रामपुर पहुंचा। वहां से शराब पीने के बहाने ओसी गांव शाहबाद ले गया। वहां अमीर अहमद और आसिफ पहले से मौजूद थे।
तीनों ने मुकेश को शराब पिलाकर बेहोश किया। 8 अगस्त की सुबह चार बजे गला दबाकर हत्या कर दी। शव को कैलाश नाथ माही पुल से रामगंगा में फेंक दिया। आरोपियों ने मोटरसाइकिल बेचने की योजना बनाई थी।
18 अगस्त को पेट्रोल पंप पर तेल डलवाते समय मुखबिर की सूचना पर तीनों आरोपी पकड़े गए। लूटी गई बाइक भी बरामद कर ली गई है।
बढ़ाई गई एससीएसटी एक्ट की धारा
पुलिस ने जब तफ्तीश शुरू की तो सामने आया कि मुकेश दलित तबके से था। ऐसे में पुलिस ने उसके मुकदमे में एससीएसटी एक्ट की धारा बढ़ा दी। चूंकि ऐसे मामलों में सीओ स्तर से जांच का प्रावधान है, ऐसे में यह विवेचना सीओ बिसौली को ट्रांसफर कर दी गई है।
सौजन्य : दैनिक भास्कर
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