सिकन्दरपुर में दलित युवक की मौत का मामला:माले का प्रदर्शन, 75 निर्दोष युवकों की रिहाई, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
प्रयागराज के इसौटा गांव में दलित-आदिवासी समुदाय पर हुए हमले को लेकर भाकपा (माले) के कार्यकर्ताओं ने सिकंदरपुर तहसील में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी सुनील कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। 29 जून को करछना थाना क्षेत्र के इसौटा गांव में सवर्णों ने पुलिस की मौजूदगी में दलित-आदिवासी परिवारों पर हमला किया।
इस दौरान दलित युवक देवी शंकर को जलाकर मार दिया गया। पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए लगभग 75 दलित-आदिवासी युवकों को जेल भेज दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को पीड़ित परिवार से मिलने से रोका।
भडेवरा बाजार में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर पुलिस और दबंगों ने हमला किया। कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया। माले नेताओं ने निर्दोष युवकों की रिहाई, फर्जी मुकदमों की वापसी और घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
साथ ही दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई और मृतक देवीशंकर के परिवार को मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग रखी। प्रदर्शन में माले के केंद्रीय समिति सदस्य श्रीराम चौधरी, जिला सचिव लाल साहब, राज्य कमेटी सदस्य भागवत बिंद और नियाज अहमद समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।
सौजन्य :दैनिक भास्कर
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