हिसार डीजे विवाद में हुई महापंचायत:परिजन बोले-जबरन संस्कार में शामिल नहीं होगा परिवार, सीएम की अर्थी निकालेंगे, सैलजा बोली-रक्षक भक्षक बन गए
गणेश का शव उठाने पुलिस का वाहन नागरिक अस्पताल के मॉर्च्यूरी पहुंचा, दूसरी तरफ दलित संगठनों की महापंचायत शुरू हो गई है।
हिसार जिले में डीजे विवाद में युवक गणेश की संदिग्ध मौत को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। परिजन युवक की मौत को हत्या मानते हुए पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज कराने की मांग पर अड़े हैं और धरने पर बैठे हैं। इसी बीच, अब दलित संगठनों और परिजनों की ओर से महापंचायत शुरू हुई जो सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चली। इसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे हैं और पुलिस पर कार्रवाई की मांग करते रहे।
इस महापंचायत में आज 21 सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि आज की महापंचायत में फैसला लिया है कि हम पुलिस से 3 दिन का समय मांगेंगे, अगर पुलिस अपनी मर्जी से शव का अंतिम संस्कार करती है तो परिवार के लोग उसमें शामिल नहीं होंगे। पुलिस ने अंतिम संस्कार किया तो राख लेकर हम देश व्यापी आंदोलन चलाएंगे। हम ऐसा होने पर धरना स्थल से मुख्यमंत्री की अर्थी बनाकर डीसी ऑफिस जाएंगे और वहां परमानेंट धरना लगाएंगे।
धरने में शामिल हुई कांग्रेस सांसद सैलजा
वहीं धरने पर देर शाम सिरसा सांसद कुमारी सैलजा पहुंची और कहा कि इस धरने का राजनीतिकरण नहीं करना चाहते थे, मगर जब रक्षक भक्षक बन जाए तो ऐसा करना पड़ता है। सैलजा ने कहा कि आज दलित समाज प्रदेश में अपने को सुरक्षित महसूस नहीं करता।
इसके अलावा पंचायत में शामिल कमेटी के सदस्यों ने बताया कि समाज पुलिस से टकराव नहीं चाहता। पुलिस को जो कार्रवाई करनी है वह कर सकती है। उनकी जो डिमांड है उसको लेकर धरना जारी रहेगा। पुलिस यदि जब संस्कार करना चाहती है तो उसकी कार्रवाई को नहीं रोका जाएगा।
पुलिस ने गणेश के घर पर परिजनों की अनुपस्थिति में चस्पा दिया था नोटिस, घर पर ताला लगा है।
पुलिस के अल्टीमेटम का समय बीता
वहीं दूसरी ओर, पुलिस ने हरियाणा शव सम्मान निपटान कानून के तहत परिजनों को नोटिस जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि अगर 12 घंटे के भीतर शव नहीं लिया गया, तो पुलिस खुद अंतिम संस्कार कर देगी। यह नोटिस हिसार में इस कानून के तहत पहला माना जा रहा है।
अब पुलिस द्वारा दिए गए अल्टीमेटम का समय भी बीत चुका है। ऐसे में पुलिस का वाहन युवक गणेश का शव उठाने के लिए नागरिक अस्पताल की मॉर्च्युरी पर पहुंच चुका है। यदि परिजन अब भी शव लेने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस जबरन अंतिम संस्कार कर सकती है।
बता दें कि यह घटना 7 जुलाई की रात 12 क्वार्टर एरिया में हुई थी, जहां बर्थडे पार्टी में डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ। पुलिस का दावा है कि युवक खुद छत से कूदा, जबकि परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे छत से नीचे फेंका। इसी को लेकर परिजन प्रदर्शन कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।
परिजनों ने नोटिस लेने से इनकार किया तो घर पर चस्पा दिया
पुलिस मंगलवार को धरने वाली जगह पर हरियाणा शव सम्मान निपटान कानून के तहत नोटिस देने पहुंची थी, लेकिन परिजनों ने लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने नोटिस घर पर चिपका दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से भड़के परिजनों ने आज महापंचायत बुला ली है।
बता दें कि यह कानून 4 महीने पहले ही विधानसभा से पास हुआ था। जिसमें लिखा गया है कि अगर किसी ने इस कानून का उल्लंघन किया तो उन्हें 6 महीने से 3 साल तक की कैद और एक लाख रुपए तक का जुर्माना भी हो सकता है। एक जुलाई को यह कानून लागू हो चुका है।
दलित संगठनों व परिजनों ने आईजी कार्यालय पर जाकर प्रदर्शन कर इंसाफ मांगा था।
प्रशासन के नोटिस में ये 2 बातें लिखीं..
- मंगलवार को जिला प्रशासन से ड्यूटी मजिस्ट्रेट और डीएसपी सहित पुलिसवाले धरनास्थल पर अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने मृतक के परिजनों को नोटिस के बारे में बताया। उसमें लिखा है- मृतक गणेश के शव का बोर्ड गठित कर पोस्टमॉर्टम करवा दिया गया है। 12 घंटे के अंदर उसके शव को हासिल करें।
- नोटिस में लिखा है- मृतक का अंतिम संस्कार करते समय किसी प्रकार से रोड जाम या आमजन के रास्ते में बाधा न डालें, जिससे किसी को परेशानी हो। यदि तय समय में दाह संस्कार नहीं करते हैं तो प्रशासन मृतक गणेश के शव का दाह संस्कार कर देगा।
परिजनों ने कहा- दबाव बनाया जा रहा, महापंचायत बुलाई
इसके चलते मृतक के परिजनों और सामाजिक संगठनों ने आज बुधवार को महापंचायत बुलाई है। परिजनों ने समाज के सभी लोगों और संगठनों से अपील की है कि इस महापंचायत में पहुंचे। पुलिस या प्रशासन कोई FIR दर्ज नहीं कर रहा। परिजनों पर दबाव बनाया जा रहा है।
पुलिस ने बर्थ डे पार्टी वाले दिन लाठी डंडों से मारपीट की थी इसका CCTV वायरल हो गया था।
4 पॉइंट में समझिए पूरा घटनाक्रम..
DJ बंद कराने गई थी पुलिस, झगड़ा हुआ: पुलिस के अनुसार, हिसार के भारत नगर में रात 11 बजे 12 क्वार्टर चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक विनोद कुमार ने DJ बजता देखा और उसे बंद करवाया। इसका शुभम उर्फ काकू और शिवा उर्फ घोड़ा ने विरोध किया और झगड़ा करने लगे। हालात बिगड़ने पर नई सब्जी मंडी चौकी इंचार्ज महेंद्र को मौके पर बुलाया गया।
पुलिस पर पथराव हुआ: जब चौकी इंचार्ज अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे तो शुभम, शिवा और 15-20 अन्य लोगों ने पुलिस पर पथराव और हथियारों (डंडे, गंडासी आदि) से हमला कर दिया, जिससे विनोद और महेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस का दावा छत से कूदे युवक: इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई तो आरोपी छत से कूदकर भागने लगे। इसमें एक युवक गणेश की मौत हो गई और आकाश घायल हो गया। हालांकि परिजनों का कहना है कि पुलिस ने छत से धक्का दे दिया था।
वहीं घायल आकाश ने बयान में बताया था कि वह रोहित उर्फ बच्ची वेदा के साथ बर्थडे पार्टी में गया था। जब पुलिस आई तो डर के कारण वह और गणेश छत से कूद गए, जिससे उन्हें चोट लगी। गणेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आकाश को इलाज के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
परिजनों से शव लेने से इनकार किया: उप निरीक्षक विनोद कुमार के बयान पर HTM थाना हिसार में मुकदमा दर्ज किया गया। लेकिन, गणेश के परिजनों ने पोस्टमॉर्टम के बाद उसका शव लेने से इनकार कर दिया। वे अस्पताल में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने हादसे के जिम्मेदार पुलिसवालों को सस्पेंड करने की मांग की। तब से उनका धरना जारी है।
सौजन्य :दैनिक भास्कर
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