सीहोर : न्याय के लिए सड़क पर लुड़कने को विवश हुई वृद्धा दलित महिला
सीहोर। न्याय के लिए वृद्ध दलित महिला मंगलवार को सड़क पर लुड़कने को विवश हो गई। वह लुड़कते हुए जनसुनवाई में मौजूद कलेक्टर को अपना दुखड़ा सुना पाती इस के पहले ही कलेक्ट्रेट कार्यालय से बाहर निकल रहे सहायक संचालक जिला जनसंपर्क अधिकारी देवेंद्र ओंगरे और सहायक जितेंद्र रायकवार सहित कलेक्ट्रेट में तैनात होमगार्ड सैनिक किशन वर्मा व अन्य लोगों ने वृद्ध महिला को गर्म सड़क पर लुड़कने से रोका और पानी पिलाया। इस दौरान कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर गहमागहमी का माहैाल बना रहा। वृद्धा महिला के विरोध के बावजूद जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर पीआरओ और होमगार्ड सैनिक पीडि़त रोती हुई महिला को कलेक्टर बालागुरूके के पास ले गए। पीडि़त महिला की पूरी बात को सुना कलेक्टर बालागुरूके ने तत्काल डिप्टी कलेक्टर वंदना राजपूत को प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
कलेक्टर के पूछने पर वृद्ध दलित महिला अयोध्या बाई ने बताया की वह पचामा गांव में अपने भाई नन्नूलाल मालवीय के साथ रहते हुए बीमारी में उनकी सेवा कर रही थी नन्नूलाल मालवीय की अचानक मौत के बाद गांव के दबंग मुकेश चौहान और जसपाल चौहान ने उनके घर पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। उन्होने बताया की जसपाल चौहान ग्राम पंचायत में सचिव है सरकारी दस्तावेजों में हेरफैर कर फर्जी पटटा बनवा लिया है जबकी मकान वर्षों पुराना है जिस के बिजली के बिल और अन्य सत्यपित दास्तावेज भी मौजूद है। दलित वृद्ध महिला अयोध्या बाई ने कहा की दबंग लोग कई बार मारपीट कर चुके है पुलिस ने उल्टे बेटे राम प्रसाद को हीं बंद कर दिया था। पीडि़ता अयोध्या बाई ने बताया की हमें मारपीटकर घर से भगा दिया है यह रसूखदार दबंग लोग हमें जान से मारने की धमकी दे रहे है।
साभार : आर्याव्रत
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