दलित किशोर का अपहरण, मारपीट व वीडियो वायरल मामले के दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार
दलित नाबालिग के अपहरण, जंगल में ले जाकर बेरहमी से मारपीट करने और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के चर्चित मामले में करौली पुलिस ने 48 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने धौलपुर जिले के जंगल क्षेत्र में करीब दो किलोमीटर तक पीछा कर उन्हें दबोचा और वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त कर ली। मामले के अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक गुर्जर निवासी सुंदरपुर और सौरभ गुर्जर निवासी बदनपुर थाना सदर हिंडौन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सौरभ एक सरकारी विद्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत है।
घटनास्थल पर ले जाकर कराई तस्दीक: गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में दोनों आरोपियों को उस स्थान पर ले जाकर तस्दीक कराई, जहां से किशोर का अपहरण किया गया था, तथा उस स्थान की भी पहचान कराई जहां उसे छोड़कर आरोपी फरार हुए थे। 28 जून को दुकान से लौटते समय किया था अपहरण: पुलिस के अनुसार 28 जून को पीड़ित किशोर दुकान से काम पूरा कर घर लौट रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने उसे रास्ते में रोककर जबरन कार में बैठाया और गुड़ला बांध के समीप जंगल में ले गए। वहां उसके साथ लाठी-डंडों, लात-घूंसों से मारपीट की गई। आरोप है कि इस दौरान जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया और पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पीड़ित की मां की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता: पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। करौली, हिण्डौन, सूरौठ, गुड़ला, बदनपुर सहित कई क्षेत्रों में लगातार दबिश दी गई।
तकनीकी निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी धौलपुर के जंगल क्षेत्र में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर आरोपी कार छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले, लेकिन करीब दो किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। भागने के दौरान दोनों आरोपियों को मामूली चोटें भी आईं। डीएसपी अनुज शुभम के नेतृत्व में बनी थीं विशेष टीमें: मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी अनुज शुभम के नेतृत्व में गठित टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश का सहारा लिया गया। प्रेस वार्ता के दौरान एसपी के साथ डीएसपी कैलाश, डीएसपी अनुज शुभम, कोतवाली थानाधिकारी नोबेल सैनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सौजन्य :दैनिक भास्कर
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