‘जिन शिक्षकों पर भरोसा था, उन्होंने ही परीक्षा के साथ धोखा किया’, NEET-UG विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जिन शिक्षकों को परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से कराने की बेहद संवेदनशील जिम्मेदारी सौंपी थी, उन्होंने ही इसके साथ विश्वासघात किया।
दोबारा हुई नीट परीक्षा के बाद शिक्षा मंत्री ने पहली बार तोड़ी चुप्पी
जिन शिक्षकों पर भरोसा था, उन्होंने ही इसके साथ धोखा किया- शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री ने विपक्ष, विशेषकर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में लंबे समय से विवादों में घिरे NEET-UG मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने परीक्षा की सुरक्षा और गोपनीयता भंग होने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार कुछ शिक्षकों को आड़े हाथों लिया है। रविवार को दोबारा आयोजित हुई नीट परीक्षा के शांतिपूर्ण और बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न होने के बाद शिक्षा मंत्री ने पहली बार इस पूरे मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जिन शिक्षकों को परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से कराने की बेहद संवेदनशील जिम्मेदारी सौंपी थी, उन्होंने ही इसके साथ विश्वासघात किया। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि इन लोगों के धोखे के कारण ही परीक्षा की विश्वसनीयता को भारी नुकसान पहुंचा और अंततः परीक्षा रद करने का फैसला लेना पड़ा।
विपक्ष और राहुल गांधी पर साधा निशाना
पेपर लीक विवाद को लेकर इस्तीफे की मांग का सामना कर रहे शिक्षा मंत्री ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब देश के 22 लाख से अधिक छात्र परीक्षा की तैयारी में जुटे थे, तब राहुल गांधी ‘सस्ती राजनीति’ कर रहे थे। सिस्टम सुधारने के लिए कोई ठोस सुझाव देने के बजाय कांग्रेस ने छात्रों को डराने और देश में अराजकता का माहौल पैदा करने की कोशिश की।
शिक्षा मंत्री ने विरोध कर रहे संगठनों को भी घेरा
धर्मेंद्र प्रधान ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे संगठनों को भी घेरा। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा लोकतांत्रिक रूप से नकारे गए लोग अब नए-नए बैनरों के तले देश की संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं और देश विरोधी नारे लगा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि रविवार की परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और सफल रही और अब केवल व्यवस्था बिगाड़ने के लिए राजनीति की जा रही है।
सौजन्य :नई दुनिया
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