अब तेलंगाना में शुद्धीकरण, दलितों के प्रदर्शन के बाद छिड़का हल्दी-दूध, KCR के गांव में BRS नेताओं पर FIR
तेलंगाना में दलितों के प्रदर्शन के बाद कथित शुद्धीकरण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. KCR के फार्महाउस के आसपास कांग्रेस के दलित कार्यकर्ताओं ने डप्पू बजाकर प्रदर्शन किया था. पुलिस का आरोप है कि उनके वहां से जाने के बाद BRS समर्थकों ने सड़कों पर हल्दी वाला पानी और दूध छिड़का. मामले में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. केस एर्रावेली और वरदराजपुर गांवों में दर्ज हुए हैं. पुलिस ने SC/ST एक्ट समेत कई धाराएं लगाई हैं. हालांकि BRS ने पलटवार करते हुए आरोपों के लिए इस्तेमाल तस्वीरों को भ्रामक और AI जेनरेटेड बताया है. पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और फोरेंसिक सबूत जुटाए गए हैं|
तेलंगाना की सियासत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है. मामला अब सीधे शुद्धीकरण तक पहुंच गया है. पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव यानी KCR के फार्महाउस के आसपास कांग्रेस के दलित कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद कथित तौर पर हल्दी वाला पानी और दूध छिड़कने का मामला सामने आया है. पुलिस ने इस मामले में BRS समर्थकों के खिलाफ तीन अलग-अलग केस दर्ज किए हैं. यह पूरा घटनाक्रम सिद्धिपेट जिले के एर्रावेली और वरदराजपुर गांवों का है. आरोप है कि कांग्रेस के दलित कार्यकर्ताओं ने डप्पू बजाकर प्रदर्शन किया और वहां से जाने के बाद BRS समर्थकों ने सड़कों पर शुद्धीकरण अनुष्ठान किया. मामला सामने आते ही तेलंगाना की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया. खास बात यह है कि विवाद ऐसे समय हुआ है, जब राज्य में दलितों के कथित अपमान को लेकर पहले से राजनीतिक माहौल गरम है|
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इस पूरे विवाद की शुरुआत तेलंगाना विधानसभा में स्पीकर जी प्रसाद कुमार को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से हुई थी. BRS के दो एमएलसी टाटा मधुसूदन उर्फ टाटा मधु और नवीन कुमार रेड्डी पर स्पीकर और उनकी मां को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था. बाद में स्थानीय अदालत ने उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया. इसके बाद कांग्रेस के दलित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने KCR के फार्महाउस की ओर मार्च किया. उन्होंने डप्पू बजाकर विरोध जताया. पुलिस के मुताबिकस प्रदर्शनकारियों के वहां से जाने के बाद कुछ BRS समर्थकों ने हल्दी वाले पानी और दूध का छिड़काव किया. अब इसी कथित शुद्धीकरण को लेकर तीन केस दर्ज किए गए हैं|
दो गांवों में हुआ कथित शुद्धीकरण अनुष्ठान
पुलिस के मुताबिक कथित शुद्धीकरण की घटनाएं एर्रावेली और वरदराजपुर गांवों में हुईं. एर्रावेली में स्थानीय BRS नेता और पूर्व सरपंच बालराजू समेत 10 अन्य लोगों के खिलाफ पहला केस दर्ज किया गया. शिकायतकर्ता एम स्वामी ने आरोप लगाया कि वह कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल थे और उनके साथ अन्य दलित प्रदर्शनकारियों के वहां से जाने के बाद सड़क पर हल्दी वाले पानी का छिड़काव किया गया|
वरदराजपुर में भी दर्ज हुआ केस
दूसरा मामला वरदराजपुर गांव में दर्ज किया गया. इसमें BRS समर्थक बालामणि, अप्पाला प्रवीण, राजू समेत छह अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस के मुताबिक किसान बी श्रीकांत की शिकायत पर यह केस दर्ज हुआ. आरोप है कि यहां भी कांग्रेस के दलित कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद कथित शुद्धीकरण किया गया. तीसरा केस BRS समर्थक पावनी गौड़ और आठ अन्य के खिलाफ दर्ज हुआ. यह मामला वर्गल के बी मोहन की शिकायत पर दर्ज किया गया. शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर खबरों में पावनी गौड़ और अन्य BRS समर्थकों को शुद्धीकरण करते देखने की बात कही|
SC/ST एक्ट समेत इन धाराओं में केस
सिद्धिपेट कमिश्नरेट के मुरकूक पुलिस स्टेशन में तीनों मामले दर्ज किए गए हैं. पुलिस ने एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम-1989, सिविल राइट्स प्रोटेक्शन एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 और 352 के तहत कार्रवाई की है. पुलिस के मुताबिक, धारा 196 समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने से जुड़ी है, जबकि धारा 352 जानबूझकर अपमान कर शांति भंग कराने के इरादे से संबंधित है.
BRS ने किया पलटवार, तस्वीरों को बताया AI जेनरेटेड
BRS ने इन आरोपों को लेकर पलटवार किया है. पार्टी की ओर से पुलिस में काउंटर शिकायत भी दी गई है. BRS का दावा है कि कांग्रेस नेताओं ने जिन तस्वीरों का इस्तेमाल कथित शुद्धीकरण का आरोप लगाने के लिए किया, वे भ्रामक हैं और कथित तौर पर AI-जेनरेटेड हैं. यानी BRS ने घटना की तस्वीरों और कांग्रेस के दावों की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़ा कर दिया है|
विवाद के बीच पुलिस ने जुटाए सबूत
पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. हालांकि जांच आगे बढ़ रही है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मौके से फोरेंसिक सबूत जुटाए गए हैं. इनमें सड़कों पर छिड़का गया हल्दी वाला पदार्थ भी शामिल है. सिद्धिपेट पुलिस का कहना है कि शुद्धीकरण को लेकर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में शिकायतें मिली हैं. जरूरत पड़ने पर इन्हें जीरो एफआईआर के तौर पर सिद्धिपेट ट्रांसफर किया जा सकता है|
रेवंत रेड्डी के बयान के बाद बढ़ी सियासी गर्मी
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने राज्य में दलितों के कथित अपमान और अत्याचार के मामलों की विस्तृत जांच का भरोसा दिया था. विधानसभा स्पीकर के कथित अपमान के बाद कांग्रेस और BRS के बीच टकराव पहले ही बढ़ चुका था. अब शुद्धीकरण के आरोप ने इस राजनीतिक लड़ाई को और तूल दे दिया है. फिलहाल पुलिस जांच कर रही है और यह साफ होना बाकी है कि कथित अनुष्ठान में वास्तव में कौन-कौन शामिल था और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है|
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र







