IAS Salary: आखिर आईएई एस ने आधी सैलरी की डिमांड क्यों की ? 5 पन्ने का ऐसा पत्र जिसमें मंत्री -विधायक और डी एम का भी जिक्र
आईएई एस अधिकारी रिंकू सिह राही ने नियुक्तियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को भेजे पांच पन्नों के पत्र में सिर्फ आधी सैलसै री लेने की मां ग ही नहीं की , बल्कि जालौन में तैनाती के दौरान हुए घटना क्रम का भी विस्तार सेजिक्र कि या . पत्र में उन्हों ने भाजपा विधायक गौरी शंकर वर्मा , कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के नाम के इस्तेमाल, अवैध कब्जों की जां च, अपने तबा दले और फील्ड पो स्टिं ग की मां ग से जुड़े कई दा वे किए हैं|
‘अगर मेरे पास दि नभर में सिर्फ चार घंटे घंटे का ही काम है तो मुझे मुझे पूरी नहीं , आधी तनख्वाह दी जाए.’ उत्तर प्रदेश में आईएई एस अधिकारी रिंकू सिंह राही की इस मांग ने प्रशासनिक हलको चर्चा छेड़ दी है. हालांकि उनके पांच पन्नों के पत्र की सबसे बड़ी बात सिर्फ आधी सैलरी की मांग नहीं है. इस पत्र में उन्हों ने जालौन में एसडी एम के रूप में तैनाती के दौरान हुए घटना क्रम, प्रशासनिक दबाव, जांच, तबादले और फील्ड पोस्टिंग की मांग तक कई मुद्दों का विस्तार से उल्लेख किया है रिंकू सिंह राही ने यह पत्र उत्तर प्रदेश के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को लिखा है. पत्र में उन्होंने लिखा कि वर्तमा न में एसडी एम (न्या यि क) के पद पर उन्हें प्रति दिन लगभग चा र घंटे का ही कार्य मिलता है. ऐसेऐ सेमें जब तक उन्हें उनकी क्षमता के अनुरूप फी ल्ड का का म नहीं दिया जा ता , तब तक उन्हें आधा वेतन ही दि या जा ए. साथ ही उन्होंने जालौन की किसी अन्य तहसील या प्रदेश के किसी अन्य जिले में नियमानुसार तैना ती का अनुरोध भी कि या है. यदि ऐसा संभव न हो तो उन्होंने दूसरे रा ज्य में भेजने की अनुमति देने का भी अनुरोध किया है. पत्र में विधायक के सामने दि ए गए कथित नि र्देश का जि क रिंकू सिं ह रा ही ने अपने पत्र में दा वा कि या है कि जा लौ न में तैना ती के दौ रा न एक बैठक में भा जपा विधा यक गौरी शंकशं र वर्मा की मौ जूदगी में जिला अधिकारी ने कथित रूप से निर्देश दि या कि तहसील क्षेत्र में अवैध कब्जों और अति क्रमण से जुड़े मा मलों में कोई कार्रवाई न की जाए. पत्र के अनुसानु सार, उन्होंने इस स्थिति में कार्रवाई पूरी तरह रोकने के बजाय शिकायत मि लने पर नियमानुसार जां च और कार्रवाई का रास्ता अपनाया . उन्होंने लिखा कि समय के साथ अवैध कब्जों और अन्य अनियमितता ओं से जुड़ी शिकायतों की संख्या बढ़ने लगी . पत्र में रिंकू सिंह राही ने लिखा कि शिकायतों के संबंसं बंध में तहसीलदा र, खंड विकास अधिकारी , अधिशासी अधिकारी , थाना प्रभा री और अन्य अधिकारियों से प्रा प्त रि पो र्टों का मि ला न शियतकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए सा क्ष्यों और व्हा ट्सएप ग्रुप के माध्यम से मि ले तथ्यों से किया गया . उनका दा वा है कि इस प्रक्रि या में कई मामलों में सरकारी रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के बीच अंतर दिखा ई दिया . इसके बाद संबंसं बंधित मामलों में वि स्तृत जां च और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा ई गई|
रिंकू सिंह राही ने अपने पत्र में उत्तर प्रदेश सरका र के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिं ह का भी जिक्र किया है. उन्हों ने दावा कि या कि मंत्रीमं त्री के नाम का इस्तेमाल कर अवैध कब्जों की जांच को प्रभावित करने की को शि श की गई.ई पत्र में उन्होंने लिखा कि ब्लॉक प्रमुख रा मरा जा निरंजन के कोल्ड स्टोरेज की जांच के दौरान परिस्थिति जन्य घटना क्रम खड़ा कर विवाद पैदा किया गया . उनका दावा है कि इसका उद्देश्द्देय निष्पक्ष जांच को प्रभावित करना था . यह पूरा विवरण रिंकू सिंह राही के पत्र में दर्ज दावों पर आधारित है|
समिति की रिपोर्ट से पहले तबादले का दावा पत्र में आगे लिखा गया है कि पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी . लेकिन समिति की रिपोर्ट आने से पहले ही उनका एसडी एम जालौन के पद से तबादला कर एसडी एम (न्या यि क) के पद पर स्था नां तरण कर दि या गया . रिं कू सिं ह रा ही ने इसे जल्दबा जी में लि या गया नि र्णयर्ण बता या है. उन्हों ने अनुरोनुरोध कि या है कि यदि उनके खिलाफ कोई आरोप हैं तो उनकी जांच कर नियमानुसानु सार का र्रवा ई की जा ए. यदि ऐसाऐ सा नहीं है तो उन्हें दोबारा फील्ड पोस्टिंग दीजा ए. पत्र में रिं कू सिंह राही ने जिला प्रशासन की कार्य शैलीशै ली पर भी सवा ल उठा ए हैं. उन्हों ने लिखा कि जनता दर्शन में आने वाली शिकायतों का मूलमू निस्ता रण करने के बजाय कई मामलों में केवल औपचारिक या फौरी निस्तारण किया जाता था . उन्हों ने यह भी दा वा कि या कि शि का यतों के वास्तविक समा धा न की दि शा में अपेक्षिपेक्षित का र्रवा ई नहीं हो रही थी . इसी का रण उन्हों ने उपलब्ध अभिलेखों और शिकायतकर्ता ओं से मि ले तथ्यों का अलग-अलग परी क्षण करा या . आधी सैलरी की मांग के पीछे क्या तर्क दि या पत्र के अंति म हि स्से में रिंकू सिंह राही ने लि खा कि वर्तमान पद पर सी मि त का र्य हो ने के का रण उन्हें अपनी प्रशा सनि क क्षमता का पूरापूरा उपयो ग करने का अवसर नहीं मि ल रहा है. इसलि ए जब तक उन्हें फी ल्ड में का म करने का अवसर नहीं दि या जा ता , तब तक उन्हें का र्य के अनुपा त में आधा वेतन दि ए जा ने का नि र्णयर्ण स्वी का र कि या जा ए. उन्हों ने यह भी अनुरोध कि या कि उन्हें जालौन की कि सी अन्य तहसी ल, उत्तर प्रदेश के कि सी अन्य जि ले या आवश्यकता हो ने पर किसी अन्य राज्य में भी का म करने का अवसर दि या जाए, ताकि प्रशासनि क अनुभव और क्षमता निर्माण जारी रह सके.
पत्र में क्या -क्या प्रमुख बातें रहीं
– वर्तमा न एसडी एम (न्या यि क) पद पर प्रति दि न करी ब चा र घंटे का म मि लने का दा वा .
– पूरीपूरी तनख्वा ह के बजा य आधा वेतन देने का अनुरो ध.
– भा जपा वि धा यक गौ री शंकशं र वर्मा की मौ जूदगी में अवैध कब्जों पर का र्रवा ई रो कने के कथि त
नि र्देश का जि क्र.
– शि का यतों की जां च में ‘एवि डेंस बेस्ड सो शल ऑडि ट’ अपना ने का दा वा .
– कैबि नेटने मंत्रीमं त्री स्वतंत्र देव सिं ह के ना म का इस्तेमा ल कर जां च प्रभा वि त करने की को शि श का
आरो प.
– ब्लॉक प्रमुख रा मरा जा निरंजन के कोल्ड स्टोरेज जांच का उल्लेख.
– समिति की रिपोर्ट से पहले तबादला किए जाने का दावा .
– जालौन या किसी अन्य जिले में फील्ड पोस्टिं ग की मां ग.
– आवश्यकता होने पर दूसरे राज्य में भेजने का भी अनुरोध.
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र









