पुलिस हिरासत में दलित युवक के प्राइवेट पार्ट में डाला डंडा:कुरुक्षेत्र के 3 पुलिसकर्मियों पर आरोप; अस्पताल में भर्ती, SHO बोले- पुलिस ऐसा क्यों करेगी
कुरुक्षेत्र में पुलिस हिरासत में दलित युवक को थाने में नंगा करके मारपीट करने और प्राइवेट पार्ट में डंडा डालने का मामला सामने आया है। पीड़ित की पत्नी ने 3 पुलिसकर्मी समेत पड़ोसी के खिलाफ शिकायत देकर एसपी कुरुक्षेत्र से कार्रवाई की गुहार लगाई है। हालांकि पुलिस ने इस तरह की घटना से साफ इनकार किया है।
इस्माइलाबाद के निकटवर्ती गांव की रहने वाली महिला के मुताबिक, पिछले महीने 30 जुलाई की रात को उनके पड़ोसी की शिकायत पर डायल-112 की पुलिस टीम गांव में पहुंची थी। आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने घसीटते हुए उसके पति को गाड़ी में बैठाने की बजाय गिरा दिया।
मारते- पीटते हुए ले गए
महिला ने आरोप लगाया कि, पुलिसकर्मी उसके पति को मारते-पीटते हुए थाने में ले गए। जहां उसके पति को नंगा कर दिया और हाथ-पैर पीछे बांधकर डंडे व पट्टे बरसाने लगे। इस दौरान एक पुलिसकर्मी ने उसके पति के प्राइवेट पार्ट में डंडा डाल दिया। ज्यादा ब्लीडिंग होने की वजह से उसका पति बेहोश हो गया।
बाजू पर लगी चोट दिखाता युवक।
नहर में डुबोने की धमकी
फिर आरोपी पुलिसकर्मी उसके पति को सरकारी अस्पताल पिहोवा में मेडिकल करवाने के लिए लेकर आए। यहां उन्होंने उसके पति को डॉक्टर को बताने पर नहर में डुबोकर जान से मारने की धमकी दी। दोबारा आरोपी उसके पति को थाने में ले आए और फिर उसके पति को डंडे से पीटना शुरू कर दिया।
खाली कागजों पर साइन करवाए
महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी पुलिसकर्मियों ने उसके पति से खाली कागजों पर साइन भी करवाए। सूचना पाकर सुबह वह अपने पति को लेने थाने पहुंची तो उसके पति से चला भी नहीं जा रहा था। मारपीट की वजह से उसके पति की बांह भी टूट गई। थाने से आते हुए आरोपियों ने शिकायत देने पर फिर से धमकाया।
3 अगस्त को करवाया मेडिकल
घर आने के बाद उसके पति ने उसे पूरी बात बताई, जिसके बाद उसने 3 अगस्त को अपने पति का मेडिकल करवाया। हालांकि 3-4 दिन बाद डॉक्टरों ने मेडिकल करने से इनकार कर दिया था, लेकिन एफिडेविट देने के बाद डॉक्टरों ने उसके पति का मेडिकल किया। फिलहाल उसके पति का कुरुक्षेत्र के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पड़ोसी का शीशा गलती से टूटा
दरअसल, 30 जुलाई की रात को उनकी गली में कुत्ते भौंक रहे थे। शोर सुनकर उसके पति ने बाहर आकर कुत्तों को भगाने के लिए छोटा पत्थर उठाकर मारा। पत्थर से उसके पड़ोसी के घर की खिड़की का शीशा टूट गया था। विवाद होने पर उसके पति ने पड़ोसी से माफी भी मांगी थी, मगर पड़ोसी ने पुलिस को बुला लिया।
इस तरह की कोई घटना नहीं हुई- SHO राजेश कुमार।
पूरे घटनाक्रम को लेकर क्या कहती है पुलिस
थाना इस्माइलाबाद के SHO राजेश कुमार ने इस घटना से इनकार किया है। हंगामा की सूचना पर डायल-112 गांव में गई थी। हंगामा करने वाले आरोपी को साथ लेकर थाने में आई थी। यहां आरोपी के खिलाफ BNS 172 के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके अगले दिन शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच समझौता हो गया था। उसी दिन पुलिस ने उसे उसके परिजनों को सौंप दिया था।
मारपीट और प्राइवेट पार्ट में डंडा डालने के सवाल पर बोले एसएचओ
SHO ने कहा कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। ये आरोप गलत हैं। पुलिस ऐसा क्यों ही करेगी। शिकायत 4 अगस्त को दी गई और मेडिकल 3 अगस्त को करवाया गया, जबकि पुलिस ने आरोपी को 30 जुलाई को हिरासत में लिया था। इस दौरान शिकायतकर्ता पुलिस के सामने क्यों नहीं आया और शिकायत क्यों नहीं दी।
जांच का विषय है, पुलिस जांच करेगी
राजेश कुमार ने बताया कि 30 जुलाई को पुलिस की टीम ने आरोपी को हिरासत में लिया था। उसके 5 दिन बाद शिकायत दी गई। इस दौरान भी उसके साथ कोई हादसा या चोट लग भी सकती है। हालांकि ये जांच का विषय है। अब शिकायत दी गई है तो उसकी जांच भी की जाएगी।
सौजन्य :दैनिक भास्कर
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