कौन है दलित देवी शंकर, जिसके परिजनों से मिलने प्रयागराज गये थे चंद्रशेखर आजाद
सांसद चंद्रशेखर आजाद इसौटा गांव में एक दलित देवी शंकर के परिवार से मुलाकात करने के लिए जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने उपद्रव मचा दिया।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र्रशेखर आजाद रावण को रोके जाने के बाद कार्यकर्त्ता आक्रोशित हो गये। भड़के कार्यकर्ताओं ने करछना में जमकर बवाल काटा। कई निजी और पुलिस के वाहनों को फूंक दिया। घटना में चौकी प्रभारी समेत कई सिपाही भी घायल हो गये। पुलिस ने इस मामले में 60 लोगों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि सांसद चंद्रशेखर आजाद इसौटा गांव में एक दलित देवी शंकर के परिवार से मुलाकात करने के लिए जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने उपद्रव मचा दिया।
कौन है दलित युवक देवी शंकर
बीते माह 12 अप्रैल को दलित देवी शंकर की बड़ी ही बेरहमी के साथ हत्या कर दी गयी थी। देवी शंकर को गेहूं ढोने के लिए घर से कुछ लोगों ने बुलाया था। इसके बाद 13 अप्रैल को युवक का अधजला शव बरामद किया गया था। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले युवक देवी शंकर को काम के बहाने बुलाया और उसे शराब पिलाई। इसके बाद विवाद होने लगा। जिस पर आरोपियों ने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी और फिर शव पर कपड़े डालकर आग के हवाले कर दिया। युवक को जलाने के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। हालांकि हवा तेज चलने के चलते शव पूरी तरह से जल नहीं सका।
बताया जा रहा है कि युवक का गांव की ही एक लड़की के साथ प्रेम संबंध था। इसी रंजिश में युवक की बेदर्दी से हत्या कर दी गयी। पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को संजय सिंह (सोनू), मोहित सिंह, मनोज सिंह, अवधेश सिंह (डीएम),दिलीप सिंह (छुट्टन), विमलेश गुप्ता (बाबा डान), शेखर सिंह और अजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आठ आरोपियों को एससी/एसटी अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं के तहत जेल भेजा गया है। देवी शंकर के परिजनों के मुताबिक उसने दबंगों के कहने पर गेहूं उठाने से मना कर दिया था। जिसके चलते दबंगों ने उसकी हत्या कर दी। लेकिन बाद में पुलिस की छानबीन में प्रेम संबंधों की बात भी सामने आई।
सौजन्य :न्यूज़ ट्रैक
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