SBSP में मुस्लिम नेताओं की बगावत: 200 से ज्यादा पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा, जानें पूरा मामला
सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर से नाराज़ होकर पार्टी के 200 से अधिक मुस्लिम पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है।
उत्तर प्रदेश में वक्फ कानून और अवैध मदरसों को लेकर जारी विवाद के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) में बड़ा सियासी भूचाल आया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर से नाराज़ होकर पार्टी के 200 से अधिक मुस्लिम पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी नेता आज राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी का दामन थामने वाले हैं।
गौरतलब है कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) छोड़ने वाले नेताओं ने आरोप लगाया है कि सुभासपा में लगातार मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है और उनकी आवाज दबाई जा रही है। इन नेताओं का कहना है कि ओम प्रकाश राजभर केंद्र सरकार के सहयोगी होने के बावजूद मुसलमानों के खिलाफ हो रही कार्रवाइयों पर चुप्पी साधे हुए हैं। इस्तीफा पत्र में मज़ारों और वैध मदरसों पर प्रशासन की कार्रवाइयों पर भी सवाल उठाए गए हैं, जिन पर ओम प्रकाश राजभर का कोई विरोध न जताना मुस्लिम नेताओं की नाराज़गी का प्रमुख कारण बताया गया है।
ओपी राजभर से है नाराजगी
इस्तीफा देने वाले नेताओं ने ओम प्रकाश राजभर को अल्पसंख्यक मंत्रालय से हटाने की भी मांग की है। उनका आरोप है कि मंत्री पद के लालच में वे मुसलमानों के हक को नजरअंदाज कर रहे हैं और केवल अपनी जाति यानी राजभर समुदाय के हित में काम कर रहे हैं। पत्र में यहां तक कहा गया कि ओम प्रकाश राजभर को किसी बाहरी खतरे से नहीं, बल्कि केवल अपने रुतबे को बढ़ाने के लिए केंद्र से सुरक्षा चाहिए।
ओम प्रकाश राजभर की नीतियां और बयानबाज़ी मुस्लिम विरोधी हैं
पार्टी नेताओं ने यह भी दावा किया कि मोदी सरकार में मुसलमानों की स्थिति बेहतर हुई है, लेकिन ओम प्रकाश राजभर की नीतियां और बयानबाज़ी मुस्लिम विरोधी हैं। पार्टी के भीतर लंबे समय से उपेक्षा झेल रहे मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने अब सुभासपा से अलग होकर नया सियासी रास्ता चुनने का फैसला किया है।
सौजन्य :न्यूज़ ट्रैक
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