रजत हत्याकांड के आरोपी की गिरफ्तारी की मांग
मेरठ : भीम आर्मी ने हत्यारोपी की गिरफ्तारी की मांग की पुरकाजी। करीब दो माह पूर्व हुई दलित छात्र रजत की हत्या के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। मृतक के परिजनों ने भीम आर्मी के लोगों के साथ थाने पहुंचकर पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
नौ सितंबर को कॉलेज से अपने घर लौट रहे दलित छात्र रजत की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने दो अक्तूबर को घटना का खुलासा करते हुए तीन लोगों द्वारा घटना को अंजाम देने का दावा कर थाना छपार के ग्राम रेता नंगला निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि एक आरोपी किसी अन्य मामले में उत्तराखंड की रुड़की कोर्ट में पेश होकर जेल चला गया था। एक आरोपी अभी फरार चल रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को मृतक के पिता चंद्रपाल, मां सरिता व भीम आर्मी के टीकम बोध, सन्नी बोध, प्रदीप कुमार, कपिल कुमार, लीलू आदि लोग थाने पहुंचे और पुलिस से आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। इंस्पेक्टर विजय सिंह ने बताया कि आरोपी के घर पर कई बार दबिश दी जा चुकी है, मगर वह हाथ नहीं आ रहा है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
नहीं रुक रहा अवैध रेत खनन
पुरकाजी। दीपावली के मौके पर गंगनहर की सफाई के लिए नहर का पानी बंद कर उसकी सफाई की जाती है। इस दौरान कुछ जरूरतमंद लोग अपने मकान आदि बनाने के लिए गंगनहर से रेत निकाल लेते हैं। इसके अलावा खनन माफिया भी रेत निकालकर उसका स्टाक जमा कर बाद में उसे मंहगे भाव में बेचने का धंधा करते हैं। इस बार भी करीब 15 अक्तूबर से गंग नहर का पानी बंद कर दिया गया था। इसके बंद होते ही खनन माफिया गंगनहर पर कहर बनकर टूट पड़े और नहर का सीना चीरकर लाखों रुपयों का रेत आसपास खेतों में जमा कर लिया। इसकी जानकारी मिलने पर पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने 22 अक्तूबर को छापा मारकर आसपास मिले रेत को कब्जे में ले लिया था। बावजूद इसके धमात गंग नहर पर रेत निकालने का धंधा जारी है। दिन रात वहां आसपास मौजूद रहने वाली पुलिस भी रेत माफिया पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। इसके चलते कई लोग ट्रैक्टर ट्राली व बुग्गियों से धड़ल्ले से रेत निकालने में जुटे हुए हैं। इंस्पेक्टर विजय सिंह का कहना है कि कई बार दबिश दी गई, वहां पर कोई भी रेत निकालते नहीं मिला। कुछ मजदूर आदि अपने घरों के लिए रेत निकाल रहे हैं।
साभार : अमर उजाला









