त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी है यह सीट, क्या बीजेपी दोहराएगी जीत?
गोंडा. यूपी के गोंडा जनपद की गौरा विधानसभा सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है. बीजेपी के सामने 2017 के परफॉरमेंस को दोहराने की चुनौती है. इस बार इस सीट पर बीजेपी, सपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है. गौरा विधानसभा सीट पर बीजेपी ने एक बार फिर से विधायक प्रभात वर्मा पर भरोसा जताया है, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी से संजय विद्यार्थी मैदान में हैं. इसके अलावा कांग्रेस से राम प्रताप सिंह ताल ठोक रहे हैं. वहीं बसपा ने इस बार निगार उस्मानी को टिकट दिया है.
गौरा विधानसभा सीट ओबीसी बाहुल्य सीट है. इसके अलावा मुस्लिम, ओबीसी, ब्राह्मण, दलित और क्षत्रिय मतदाता निर्णायक भूमिका में रहते हैं. गौरा विधानसभा में सबसे अधिक मतदाता मुस्लिम और ओबीसी वर्ग से आते हैं. सपा और बीजेपी प्रत्याशियों के अपने-अपने दावे हैं, लेकिन कांग्रेस को उम्मीद है कि वह इस सीट को अपनी झोली डाल सकती है.
2012 विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो यहां कुमार आनंद सिंह ने समाजवादी पार्टी से जीत हासिल की थी और समाजवादी सरकार में कैबिनेट कृषि मंत्री का पद हासिल किया था, लेकिन उनके बेटे कीर्तिवर्धन सिंह के बीजेपी में शामिल होने के बाद पार्टी ने इनके पास से कृषि मंत्री का पद ले लिया था, उसके बाद फिर वे राजनीति में सक्रिय नहीं रहे.
सौजन्य : News18
नोट : यह समाचार मूलरूप से news18.com में प्रकाशित हुआ है. मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशीलता व जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है !









