प्रतापगढ़ में दलित उत्पीड़न के आरोप में 8 पर केस:बकरी चराकर लौट रहे युवकों से मारपीट का आरोप, एससी/एसटी कोर्ट के आदेश पर FIR
प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र में दलित उत्पीड़न और मारपीट के मामले में एससी/एसटी कोर्ट के आदेश पर आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों पर जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित करने, मारपीट, धमकी और बलवा समेत विभिन्न गंभीर धाराओं तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
भीखमपुर निवासी प्रमिला देवी की ओर से अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, 4 जून को उनका पुत्र लकी और परिवार का अमित कुमार बकरी चराकर घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में प्रीतमपुर गांव के उमेश, दिनेश, ओमप्रकाश, उमाशंकर, अंकित, कुसुम, संस्कार और शिव ने उन्हें रोक लिया।
विरोध करने पहुंचीं महिला से भी मारपीट
पीड़िता का आरोप है कि सभी आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए दोनों युवकों के साथ मारपीट की, जिससे वे घायल हो गए। प्रमिला देवी का कहना है कि जब वह घटना का विरोध करने और शिकायत करने पहुंचीं तो यादव बस्ती के अन्य लोग भी वहां आ गए। आरोप है कि वहां उनके साथ भी मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोटें आईं।
अदालत के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर
स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने पर प्रमिला देवी ने एससी/एसटी कोर्ट की शरण ली। अदालत के निर्देश पर आसपुर देवसरा पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र









