3 दलित बच्चों को बांधकर पीटा, सिर मुंडवाया:परिजन बोले- डर से स्कूल जाना छोड़ा; पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, मोटर चोरी का था शक
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में एक गांव के कुछ लोगों ने 3 नाबालिग बच्चों को चोरी के शक में जमकर पीटा। बच्चों के आधे सिर मुड़वा दिए। बच्चों को गांव में गालियां दी गई। बच्चों ने डर की वजह से स्कूल जाना तक छोड़ दिया है।
बच्चों की उम्र 12 से 15 साल के बीच है। घटना के बाद से बच्चे डरे हुए हैं। स्कूल जाना छोड़ दिया है। बदनामी के डर से बच्चे घर से बाहर निकलने में भी घबराते हैं। आरोपियों में गोविंद सिंह, बलराम सिंह, इंद्रभान सिंह और हरिनारायण बैस के नाम शामिल हैं।
सुबह 9 से शाम 4 बजे तक बंधक बनाने का आरोप
परिजन के मुताबिक, 1 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक बच्चों को बंधक बनाकर रखा गया। बच्चों पर मोटर पंप चोरी करने का आरोप लगाया गया था। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की गई। सिर मुंडवा दिया गया।
परिजन का कहना है कि शिकायत लेकर बरगवां थाने गए थे, लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय और अजाक थाने पहुंचे। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित बोला- पेड़ से बांधकर पीटा
13 वर्षीय पीड़ित ने बताया- चोरी के मामले में फंसाया जा रहा है। वह मां के कपड़े लेने गया था। रास्ते में बुद्धू सिंह गोंड ने उससे कहा कि चलो, तुम्हें छोड़ देता हूं। लेकिन उसने गाड़ी नहीं रोकी और जंगल ले गया।
पीड़ित ने बताया- मोटर चुराने के लिए बोलने लगा। मुझे बुद्धू सिंह और गोविंद सिंह ने बहुत मारा है। मेरे सिर के बाल भी मुड़वा दिए। गोविंद सिंह ने पेड़ से बांधकर मारा भी।
एसपी बोले- दोनों पक्षों में हुआ था समझौता
एसपी शियाज केएम ने बताया- बच्चों पर मोटर पंप चोरी के आरोप थे। ग्रामीणों ने उन्हें पकड़कर पुलिस को सौंपा था। आरोपी और पीड़ित पक्ष के बीच 1 अक्टूबर को ही समझौता हो गया था।
अब परिजन ने बच्चों के साथ मारपीट, सिर मुंडवाने और जातिसूचक गालियां देने के आरोप लगाए हैं। एसपी ने बरगवां थाना प्रभारी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र









