फरीदाबाद में सफाई कर्मचारी भड़के : कैबिनेट मंत्री की कमांडो गाड़ी पर चढ़कर लहराई झाड़ू, ESMA की चेतावनी भी बेअसर
प्रदेशभर में 21 दिनों से जारी है राज्यव्यापी हड़ताल, कर्मचारी बोले- लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि 13 मई को मुख्य मांगों पर सहमति बनने के बावजूद उन्हें धरातल पर उतारा नहीं गया।
हरियाणा के फरीदाबाद शहर में सफाई कर्मचारियों का आक्रोश शनिवार को अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया। अपनी पुरानी लंबित मांगों को लेकर सड़क पर उतरे कर्मचारियों ने राज्य के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के सेक्टर-16 स्थित कार्यालय का भारी संख्या में घेराव किया।
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब उग्र कर्मचारी नेता मंत्री की सुरक्षा में तैनात कमांडो एस्कॉर्ट गाड़ी के ऊपर चढ़ गए और हाथों में झाड़ू लहराते हुए सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे। मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने कड़ी मशक्कत और लगातार चेतावनी देने के बाद कर्मचारी नेताओं को एस्कॉर्ट वाहन से नीचे उतारा।
एस्मा (ESMA) की चेतावनी से बेखौफ कर्मचारी
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का साफ कहना है कि प्रदेश सरकार हड़ताल को कुचलने के लिए अति आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू करने का भय दिखा रही है, लेकिन वे इस प्रकार की धमकियों से कतई पीछे हटने वाले नहीं हैं।
कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों का दावा है कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर चलाया जा रहा है। वे किसी भी तरह का सीधा टकराव नहीं चाहते, बल्कि वर्षों से अटकी अपनी जायज मांगों को प्रशासन और सरकार के कानों तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जब तक उनकी आवाज नहीं सुनी जाएगी, यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
21 दिनों से ठप है व्यवस्था, वादे लागू न होने से बढ़ा गुस्सा
प्रदेशभर में सफाईकर्मियों का यह राज्यव्यापी आंदोलन बीते 6 अगस्त से लगातार जारी है। हड़ताल के 21वें दिन भी कर्मचारियों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा।
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि 13 मई को सरकार के नुमाइंदों के साथ हुई उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान कई मुख्य मांगों पर सहमति बन चुकी थी। हालांकि, समझौते के महीनों बीत जाने के बाद भी सरकार ने उन्हें धरातल पर उतारने के लिए कोई आधिकारिक या लिखित आदेश जारी नहीं किया। सरकार के इसी ढुलमुल रवैये से कर्मचारियों में भारी आक्रोश पनप रहा है।
ये हैं सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- पक्का करने की मांग: वर्षों से कार्यरत कच्चे, ठेका प्रथा और दैनिक वेतनभोगी (डेली वेज) कर्मचारियों का तुरंत नियमितीकरण।
- ठेकेदारी प्रथा की समाप्ति: सफाई व्यवस्था में ठेका प्रणाली को पूर्णतः समाप्त कर समान कार्य के बदले समान वेतन का नियम लागू किया जाए।
- वेतन वृद्धि व भत्ते: न्यूनतम वेतनमान में बढ़ोतरी की जाए, ईएसआई (ESI) और ईपीएफ (EPF) का लाभ समय पर मिले तथा जोखिम भरा काम करने के लिए विशेष जोखिम भत्ता दिया जाए।
- सुरक्षा व मुआवजा: सफाई के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाएं, एरियर का भुगतान हो और ड्यूटी के दौरान किसी हादसे में मौत होने पर परिजनों को मुआवजा व आश्रित को सरकारी नौकरी मिले।
लिखित नोटिफिकेशन मिलने तक जारी रहेगा संग्राम
कर्मचारी नेता नरेश शास्त्री ने कड़े शब्दों में रुख साफ करते हुए कहा कि सरकार केवल मौखिक आश्वासनों के सहारे आंदोलन को समाप्त कराना चाहती है, जो अब संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुई बैठकों में जिन बिंदुओं पर सहमति बनी थी, उनके जब तक ठोस लिखित आदेश (नोटिफिकेशन) जारी नहीं होते, तब तक पूरे हरियाणा में यह विरोध प्रदर्शन इसी तरह उग्र रूप में जारी रहेगा।
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र









