Shimla: शहरवासियों के लिए राहत, सैहब कर्मचारियों ने खत्म की हड़ताल, शुक्रवार से कल से काम पर लाैटेंगे
नगर निगम शिमला मेयर सुरेंद्र चाैहान के साथ बैठक में मांगों पर सहमति बनने के बाद सैहब सोसाइटी कर्मियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है।
हरवासियों के लिए राहत की खबर है। गुरुवार को नगर निगम शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान के साथ हुई बैठक में मांगों पर सहमति बनने के बाद सैहब सोसाइटी कर्मियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है। शुक्रवार से शहर के सभी घरों से कूड़ा नियमित रूप से उठाया जाएगा। गुरुवार को सैहब कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह व अन्य पदाधिकारियों की नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान के साथ बैठक हुई। बैठक में कर्मचारियों की सभी मांगों पर सहमति बनी है।
बैठक की जानकारी देते हुए महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि सैहब कर्मियों की रोकी गई 10 फीसदी वेतनवृद्धि को 4 जून को एजीएम में बहाल करने का निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही 41 कर्मियों के टर्मिनेशन ऑर्डर वापस लिए जाएंगे। कर्मियों को 15 दिन की विशेष छुट्टियों के मामले पर भी सहमति बनी है। 4-9-14 का लाभ भी छूट गए सफाई कर्मियों को देने पर भी सहमति बनी है। सैहब कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि महापौर सुरेंद्र चौहान के साथ बैठक में सभी मांगों पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि हड़ताल को समाप्त कर दिया गया है और शुक्रवार से सभी कर्मचारी अपने-अपने काम पर लाैटेंगे। शहर के सभी घरों से कूड़ा नियमित रूप से उठाया जाएगा।
बता दें, सैहब सोसाइटी कर्मी पिछले सात दिनों से हड़ताल पर थे। गुरुवार सुबह भी सैहब कर्मियों ने मांगों को लेकर डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद कर्मचारियों की मेयर के साथ वार्ता हुई और मांगों पर सहमति बनी। इससे पहले मंगलवार को भी कर्मचारियों व मेयर के बीच वार्ता हुई थी लेकिन सहमति नहीं बन पाई थी। हालांकि, गुरुवार सुबह भी शहर से कूड़ा नहीं उठ पाया है। बीते सात दिनों से शहर की जनता परेशान है। सफाई व्यवस्था चौपट हो चुकी है। ऐसे में हड़ताल खत्म होने से लोगों को राहत मिली है।
सौजन्य :अमर उजाला
नोट: यह समाचार मूल रूप सेhttps://www.amarujala.com/shimla/saheb-e पर किया गया है और इसका उपयोग विशुद्ध रूप से गैर-लाभकारी/गैर-वाणिज्यिक उद्देश्यों, विशेष रूप से मानवाधिकारों के लिए किया जाता है।









