कानपुर: नगर निगम मुख्यालय और जोनल कार्यालय बंद कराकर आांदोलन, नारेबाजी कर निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया
सफाई व्यवस्था पूरी तरह निजी हाथों में सौंपने के लिए टेंडर जारी करने के विरोध में सोमवार दोपहर में नगर निगम मुख्यालय और जोनल कार्यालयों कामकाज ठप कर आमसभा की। कार्य बहिष्कार कर जुलूस निकालने के बाद घंटों नारेबाजी करते हुए टेंडर निरस्त करने की मांग की। शाम को नगर आयुक्त ने वार्ता में एक हफ्ते का समय मांगा। उधर, संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 27 जनवरी से आंदोलन तेज करते हुए नगर निगम के सभी विभागों में बेमियादी हड़ताल करने का ऐलान किया। नगर निगम ने शहर के छह जोनों को तीन सेक्टरों में बाटा है। प्रत्येक सेक्टर में दो – दो जोन शामिल किए हैं।
पहले सेक्टर के तहत जोन – 1 और 2 में सड़कों पर झाड़ू, नालियों की सफाई, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन और मोहल्लों से कूड़ा उठाकर ट्रांसफर स्टेशन और वहां से कूड़ा निस्तारण प्लांट तक पहुंचाने का संयुक्त टेंडर जारी किया। इसके बाद इसी तरह चार दिन पहले सेक्टर दो का टेंडर जारी किया और जल्द ही तीसरे सेक्टर का भी टेंडर जारी करने की तैयारी की जा रही है। इसका पता चलते ही नगर निगम और जलकल विभाग के कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त संघर्ष मोर्चा बनाकर आंदोलन शुरू कर दिया। इस मोर्चा ने आंदोलन शुरू करते हुए पहली बार दोपहर में नगर निगम मुख्यालय और जोनों में सभी कार्यालय बंद कराए। मुख्यालय के विभिन्न विभागों के कर्मचारी पोर्टिको के बाहर एकत्रित हुए। विभिन्न जोनों से भी महिलाओं सहित अन्य कर्मी जुलूस निकालकर नारेबाजी करते हुए वहां पहुंचे। वहां दो हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए आमसभा की। कर्मचारियों ने ऐलान किया कि जब तक सफाई व्यवस्था के निजीकरण के टेंडर निरस्त नहीं किए जाएंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति नगर निगम जलकल के तत्वावधान में आयोजित इस आमसभा में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम सफाई कार्य सहित सभी कार्य एक ही कंपनी को सौंपने की तैयारी कर रहा है, जो कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। वे नारेबाजी करते हुए नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को आमसभा स्थल पर बुलाने और टेंडर निरस्त करने की मांग कर रहे थे। कर्मचारियों की भारी भीड़ को देखते हुए नगर आयुक्त ने शाम को कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को कैंप कार्यालय में वार्ता के लिए बुलाया। वहां हुई वार्ता विफल रही। नगर आयुक्त ने उनकी मांग के संबंध में एक सप्ताह का समय मांगा, जबकि कर्मचारी नेता तत्काल मांग पूरी करने की मांग कर रहे थे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल संघर्ष समिति के संचालक रमाकांत मिश्रा, मुन्ना हजारिया ने बताया कि नगर आयुक्त को टेंडर निरस्त करने के लिए 26 जनवरी तक का समय दिया है। यदि उस दिन तक मांग पूरी न हुई तो 27 जनवरी को पुन: मुख्यालय में कर्मचारियों की आमसभा की जाएगी और उसी में बेमियादी आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। जिस पर कर्मचारी नेताओं ने 27 जनवरी को पुनः आमसभा बुलाने और मांगों का समाधान न होने पर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया। उसी दिन से हड़ताल का ऐलान भी किया जाएगा। हड़ताल के दौरान पूरे शहर में सफाई व्यवस्था ठप करने के साथ ही मार्ग प्रकाश, अभियंत्रण सहित नगर निगम से संबंधित सभी विभागों में काम ठप कर दिया जाएगा। सभा की अध्यक्षता एवं संचालन किशन लाल सुदर्शन ने किया। इसे रमाकांत मिश्रा, हरिओम वाल्मीकि, जयपाल सिंह, कमरुद्दीन, अजीत बाघमार, उस्मान अली शाह, मुकेश वाल्मीकि, सीएल बघेल, रामप्रकाश भारती आदि ने संबोधित किया। इनसेट भीड़ की वजह से मुख्यालय के बाहर मार्ग में दिनभर बाधित रहा यातायात आमसभा में आए कर्मचारियों की भीड़ की वजह से नगर निगम मुख्यालय में पोर्टिको से लेकर गेट तक भीड़ के साथ ही तमाम कर्मचारी बाहर सड़क पर भी मौजूद रहे। उनके वाहन भी सड़क के दोनों तरफ खड़े रहे। इस वजह से वहां दोपहर से शाम तक यातायात बाधित रहा।
सौजन्य :अमर उजाला
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