हिमाचल के स्कूल में ‘गुंडई’, क्लासरूम में घुसकर दलित छात्रों को बेरहमी से पीटा; जाति सूचक गालियां, और फिर…
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। गोहर स्थित पीएम श्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल में घुसकर गुंडों ने अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों की बेरहमी से पिटाई कर दी। आरोपियों ने स्कूल परिसर में ही नाबालिग छात्रों को जाति सूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद से छात्र और उनके परिजन दहशत में हैं। आज परिजनों ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में मामला दर्ज करने के लिए शिकायत पत्र दिया है। पीड़ित पक्ष ने एसडीएम से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
दादा को स्कूल बुलाकर करवाया हमला
शिकायत के अनुसार, यह पूरी घटना 30 दिसंबर 2025 की है। कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्र ईशांत भारती, टिशाल, ईशा और धीरज कुमार स्कूल में मौजूद थे। आरोप है कि ईशांत शर्मा नामक एक अन्य छात्र ने अपने दादा बुद्धि सिंह शर्मा और परिवार के अन्य सदस्यों को स्कूल बुला लिया। इसके बाद सुनील कुमार शर्मा, नरेंद्र कुमार शर्मा और समीर कुमार शर्मा जबरन स्कूल परिसर में घुस आए। इन सभी ने मिलकर पीड़ित छात्रों के साथ मारपीट की।
जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल
पीड़ित छात्रों के अभिभावकों ने एसडीएम गोहर को दी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी उच्च जाति (ब्राह्मण समुदाय) से संबंध रखते हैं। उन्होंने अपनी गुंडई दिखाते हुए अनुसूचित जाति के बच्चों को अपमानित किया। मारपीट के दौरान जाति सूचक गालियों का प्रयोग किया गया। यह सब स्कूल प्रशासन की मौजूदगी में हुआ, जिससे कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इन धाराओं में एफआईआर दर्ज
घटना के तुरंत बाद स्कूल प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बुद्धि सिंह, नरेंद्र कुमार, समीर कुमार, सुनील कुमार और छात्र ईशांत शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 332(सी), 115(2), 126(2) और 3(5)।
बच्चे डरे हुए हैं, सुरक्षा चाहिए’
पीड़ित अभिभावक अमरी देवी, किशोरी लाल, हरी सिंह और राकेश कुमार ने प्रशासन को बताया कि वे गरीब परिवारों से हैं। आरोपी पक्ष काफी प्रभावशाली है। आरोपियों ने बच्चों को भविष्य में और अधिक प्रताड़ित करने की धमकी दी है। अभिभावकों ने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट: धारा 3(1)(र) और 3(1)(उ) में मामला दर्ज किया जाए और उनको स्कूल के पास आने से रोका जाए और उनकी गिरफ्तारी की जाए। एसडीएम से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है ताकि बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
सौजन्य :राईट न्यूज़ इंडिया
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