Kanpur: एससी-एसटी आयोग के सदस्य को नगर निगम में किसी ने नहीं किया रिसीव, भटकते रहे
एससी-एसटी आयोग के सदस्य को नगर निगम में किसी ने रिसीव नहीं किया। प्रोटोकाल का पालन नहीं किया गया। उन्होंने आयोग में शिकायत की चेतावनी दी।
अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र कुंडे ने नगर निगम प्रशासन पर प्रोटोकॉल के उल्लंघन और सामाजिक भेदभाव के आरोप लगाए हैं। मंगलवार को नगर निगम पहुंचे आयोग के सदस्य ने कहा कि आगमन की तीन दिन पूर्व सूचना और प्रोटोकॉल के बावजूद उन्हें रिसीव करने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। उन्हें नगर निगम कार्यालय परिसर में इधर-उधर भटकना पड़ा। घंटों रुकने के बावजूद किसी ने उनसे पानी तक नहीं पूछा। इस संबंध में उनका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।
कुंडे ने नगर निगम में कार्यरत बाल्मीकि समाज के कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने कहा कि वह अनुसूचित जाति-जनजाति समाज से आते हैं और इसी कारण उनके साथ उपेक्षा की गई। उन्होंने यह भी जोड़ा कि नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी की महापौर होने के बावजूद इस तरह का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा कि यह मामला केवल प्रोटोकाल का नहीं बल्कि सम्मान और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वह पूरे प्रकरण की शिकायत अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग में दर्ज कराएंगे और संबंधित अधिकारियों से लिखित जवाब-तलब किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर जांच भी कराई जाएगी।
ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर वसूली का लगाया आरोप
रमेश चंद्र कुंडे ने नगर निगम में कार्यरत वाल्मीकि समाज के कर्मचारियों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया कि ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर कर्मचारियों से वसूली की जा रही है। पेंशन निकालने, भर्ती के नाम पर भी वसूली हो रही है। यह न केवल प्रशासनिक अनियमितता है, बल्कि सामाजिक शोषण का भी मामला है। उन्होंने कहा कि इस बिंदु को भी आयोग गंभीरता से लेगा। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
संयुक्त नगर आयुक्त की थी जिम्मेदारी
अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र कुंडे के नगर निगम आगमन पर स्वागत की जिम्मेदारी संयुक्त नगर आयुक्त संतोष यादव को दी गई थी। ऐसा क्यों हुआ इसके लिए संयुक्त नगर आयुक्त से स्पष्टीकरण मांगा गया है। – अर्पित उपाध्याय नगर आयुक्त
सौजन्य : अमर उजाला
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