महिलाओं, अल्पसंख्यकों और दलितों के खिलाफ अपराधों के मुद्दे पर भाकपा 18 नवंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी
नई दिल्ली, वामपंथी दल महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराधों से संबंधित मुद्दों को उजागर करने के लिए देश भर में प्रदर्शन करेगा।
जस्टिस न्यूज
राजा ने बताया, “पहले से ही कमजोर इन वर्गों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। यहाँ तक कि सर्वोच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने भी कहा था कि महिलाएँ देश में सबसे बड़ी अल्पसंख्यक हैं।”
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) 18 नवंबर को समानता और न्याय के मुद्दों पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी। पार्टी महासचिव डी राजा ने दावा किया कि महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहे हैं।
वह शीर्ष अदालत की न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना की उस टिप्पणी का जिक्र कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश की 48.44 प्रतिशत आबादी वाली महिलाएँ भारत में सबसे बड़ी अल्पसंख्यक हैं। यह टिप्पणी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ – संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण प्रदान करने वाले कानून – पर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई थी।
उन्होंने कहा, “संवैधानिक सिद्धांतों और सामाजिक न्याय व समानता के विचारों को बनाए रखने के लिए, हमारी पार्टी ने 18 नवंबर को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।”
राजा ने कहा, “भारत एक धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य है… लेकिन जिस तरह से अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं, वह भारत की अवधारणा को चुनौती दे रहा है।”









