सामाजिक संगठनों का संयुक्त मंच के द्वारा बुद्धा पार्क का नाम बदलने के षड्यंत्र के विरोध
सामाजिक संगठनों का संयुक्त मंच के द्वारा बुद्धा पार्क का नाम बदलने के षड्यंत्र के विरोध मे दिनांक 03–09-2025 को कानपुर नगर के कल्याणपुर स्थित बुद्धा पार्क मे बुद्ध वन्दना, त्रिपिटक पाठ किया। साथ ही बैठक कर निर्णय लिया कि जनता के टैक्स का पैसा 15 करोड़ रुपये जो बुद्धा पार्क मे खर्च करने थे वह पैसा बुद्धा पार्क के सुन्दरी करण पर खर्च किये जाये जैसे- बुद्ध की मूर्ती के ऊपर बनी छतरी जो डैमेज हो चुकी है और उसे पानी चूता है, मेन गेट का डैमेज गुम्बद, पानी के फैव्वारे, टूटे बच्चो के झूले, लाईटे आदि जिसका विभागीय रख रखाओ न होने से डैमेज हो चुका है, पार्क मे ही खर्च करे । सभी खराब वस्तुओ सहित पूरे पार्क का सुन्दरीकरण कराने के लिये हम सब लामबन्ध है, और यदि हमारी विरासत पर कोई ऑख ऊठायेगा तो उसको मुंह तोड़ जवाब दिया जायेगा क्योकि अब हमारे पास संविधान की ताकत है और संविधान विरोधियो को जड़ से खत्म करेगें|
बैठक मे :- भंते अंगुलीमाल जी, भंते रत्नदीप जी, चमन खन्ना, विवेक पाल, औसान सिंह यादव, श्रीकान्त पाल, देवीप्रसाद निषाद, सुनील राजदान बाल्मीकि, राजेश आजाद, रंजन पासी, श्यामू कोरी, सर्वेश कमल, प्रतिभा अटल पाल, ऊषा रानी कोरी, अर्चना गौतम, देव कुमार, राजनारायण बौद्ध , ब्रिजेश कटियार, एड0 बुद्ध सिंह, एड0 विनोद पाल, जितेन्द्र कमल, अनमोल खन्ना, रंजीता, खन्ना, श्रेष्ठ खन्ना, पूजा कमल, शेखर भारतीय,पंकज, मनीष राना, सतीश कमल, पवनजीत बाल्मीकि, क्रॉन्तिकुमार कटियार, अंकित पाल, अखिलेश गौतम, सर्वेश कुरील आदि अध्यक्षता हरीनौराण बौद्ध ने व संचालन रामपाल नागवंशी ने किया|

कानपुर के बुद्धा पार्क में जिला प्रशासन के शिवालय पार्क नाम देने और ज्योतिर्मय लिंग स्थापित करने के विरोध में दलित समाज और सामाजिक संगठन एकजुट हुए जिसका नेतृत्व धनीराम बौद्ध द्वारा किया गया |जो मोतीझील में हुआ बड़ी संख्या में सामजिक संघटनो और वकीलों ने शामिल होकर विरोध प्रकट किया |एडवोकेट कमल और वकील मौजूद रहे |
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
नोट: यह समाचार मूल रूप से प्रकाशित https://www.justicenews.co.in/hकिया गयाहै और इसका उपयोग विशुद्ध रूप से गैर-लाभकारी/गैर-वाणिज्यिक उद्देश्यों, विशेष रूप से मानवाधिकारों के लिए किया जाता है|









