मानसून सत्र:दबंगों ने कब्जाई दलित-आदिवासियों की 500 एकड़ जमीन, सरकार कराएगी जांच
पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने शुक्रवार को विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से सागर जिले में दलित और आदिवासियों की 500 एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध कब्जे और जबरन रजिस्ट्रियां कराए जाने का मुद्दा उठाया।
भूपेंद्र सिंह ने कहा कि उनके खुरई विधानसभा क्षेत्र के मालथौन में गोविंद सिंह राजपूत ने 20 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। 50 एकड़ आदिवासियों की जमीन की रजिस्ट्री डरा-धमका कर करा ली है और आदिवासियों की 25 एकड़ जमीन पर भी कब्जा कर लिया है। यहां के सारे खसरा नंबर एक ही नाम पर होते जा रहे हैं। सिंह ने कहा कि दलित- आदिवासियों की जमीन खरीदने के लिए प्रदेशभर में भू-राजस्व संहिता की धारा 165 का जमकर दुरुपयोग हो रहा है।
जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने आश्वासन दिया कि इस मामले में भोपाल से एक जांच दल भेजकर पूरे मामले की पड़ताल कराई जाएगी। मंत्री ने बताया कि मालथौन निवासी गोविंद सिंह राजपूत द्वारा नीलेश आदिवासी के साथ जमीन कब्जाने के लिए मारपीट कर दबाव बनाने के मामले में मालथौन थाने में केस दर्ज हुआ है। नीलेश की आत्महत्या के मामले में भी पुलिस ने संज्ञान लिया है।
खाद संकट पर कांग्रेस का प्रदर्शन, खाली बोरियां लेकर पहुंचे विधायक
कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश में खाद के भारी संकट का आरोप लगाकर विधानसभा में जमकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक खाद की खाली बोरियां और “नैनो खाद’ की प्रतीकात्मक बोतलें लेकर पहुंचे। उन्होंने सरकार को किसान विरोधी बताकर नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश के लाखों किसान खाद की लाइन में खड़े हैं। लेकिन सरकार आंख मूंदे बैठी है। एक तरफ बारिश का समय चल रहा है। दूसरी ओर किसानों को जरूरी खाद तक नहीं मिल रही।
खत्म होगी भोज यूनिवर्सिटी के कुलसचिव की प्रतिनियुक्ति
भोज मुक्त विवि में कुलसचिव पद पर डॉ. सुशील कुमार मंडेरिया की प्रतिनियुक्ति खत्म की जाएगी। शुक्रवार को कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत की ओर से मंडेरिया की गलत नियुक्ति की शिकायत को लेकर लाए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने यह जानकारी दी।
परमार ने कहा कि 30 दिसंबर 2023 को डॉ. मंडेरिया को प्रशासनिक अनावश्यकता के आधार पर प्रतिनियुक्ति पर भोज यूनिवर्सिटी का प्रभारी कुलसचिव पद पर पदस्थ किया गया था।प्रतिनियुक्ति खत्म करने की प्रक्रिया चल रही है। डॉ. मंडेरिया जीवाजी विवि ग्वालियर के सहायक प्राध्यापक हैं। शेखावत ने कहा कि कुलसचिव पद पर नियुक्ति की योग्यता राज्य महाविद्यालय सेवा नियम 1983 के तहत नियुक्ति अधिकारी या सरकारी कॉलेज का प्राध्यापक होना जरूरी है। इस कारण मंडेरिया को कुलसचिव पद ग्रहण करने की योग्यता नहीं है।
सौजन्य :दैनिक भास्कर
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