45 साल से बसे दलित-परिवारों को बेदखल करने का नोटिस:सिरोंज के बरेंडा बीड़ की 120 बीघा जमीन वन विभाग को देने की तैयारी; ग्रामीणों ने किया विरोध
सिरोंज तहसील के बरेंडा बीड़ गांव में रह रहे दलित परिवारों को जमीन खाली करने का नोटिस मिला है। यह जमीन वन विभाग को वृक्षारोपण के लिए दी जा रही है। इस नोटिस के खिलाफ सोमवार को ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने किसान नेता सुरेंद्र रघुवंशी के साथ एसडीएम सिरोंज को ज्ञापन सौंपा।
किसान नेता ने चेतावनी दी है कि अगर दलित किसानों को बेदखल किया गया तो विदिशा में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
यह मामला शमशाबाद तहसील के संजय सागर डेम से जुड़ा है। करीब 20 साल पहले डेम बनने से वन क्षेत्र डूब में आया था। अब उसके बदले में सरकार सिरोंज तहसील की पंचायत काजीखेड़ा के बरेंडा बीड़ की 120 बीघा भूमि वन विभाग को देने की तैयारी कर रही है।
ग्राम सचिव बोले- गांव में 15 पीएम आवास में आधे बन चुके हैं
सर्वे-168 की इस भूमि पर 1980 से दलित समाज के 20-25 परिवार रह रहे हैं। ग्राम सचिव नारायण प्रसाद शर्मा के मुताबिक, गांव में 15 पीएम आवास हैं। इनमें से आधे बन चुके हैं और आधे निर्माणाधीन हैं। गांव में शौचालय, सड़क और बिजली की सुविधाएं हैं। सरकार राशन की दुकान से अनाज भी वितरित करती है।
तुलसा बाई और गीता बाई ने कहा कि वे इस जमीन को नहीं छोड़ेंगे। मदनलाल अहिरवार ने बताया कि वे लोग 1980 से यही निवासरत हैं, उनके खेत भी यहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास रहने के लिए कोई दूसरी जगह नहीं है। बच्चे और परिवार लेकर हम लोग कहां जाएंगे l
सिरोंज ज़िला बनाओ समिति के महामंत्री एडवोकेट कपिल त्यागी ने कहा कि डेम शमशाबाद में बना और जमीन सिरोंज की अधिग्रहण की जा रही हैं l जबकि सिरोंज के एक भी किसान को डेम से लाभ नहीं मिलाl
सिरोंज शहर के निकट की जमीन वन विभाग को देना गलत हैं, कल सिरोंज ज़िला बनेगा तों हमें भी नगर के आसपास जमीन की आवश्यकता पड़ेगी l अगर सिरोंज में ही भूमि देना हे तो वन विभाग को संरक्षित वन लगाने दूरस्थ ग्रामों में जमीन दी जा सकती हैं l
सौजन्य : दैनिक भास्कर
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