वन विभाग की कारगुजारी: दलित उत्थान योजना में लगाई भ्रष्टाचार की नर्सरी
मैनपुरी। वन विभाग में 17 लाख रुपये के गोलमाल के अलावा एक और घपले का मामला सामने आने पर हड़कंप मच गया है। इस बार केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सामाजिक वानिकी एससीएसपी योजना को निशाना बनाया गया है, जिसका उद्देश्य दलित बाहुल्य क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण है।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस योजना के तहत दलितों के लिए आरक्षित कार्य का ठेका नियमों को ताक पर रखकर एक सामान्य वर्ग की फर्म को दे दिया गया।यह मामला दलित बाहुल्य किशनी रेंज से जुड़ा है। जहां 14.70 लाख रुपये की लागत से 20 हेक्टेयर में 50 हजार पौधे लगाने के लिए गड्ढा खुदाई और नर्सरी तैयार करने का कार्य होना था। योजना की शर्तों के अनुसार पूरा पैसा बाहुल्य इलाकों में ही खर्च किया जाना है। इसके अलावा कार्य का ठेका भी केवल दलित ठेकेदारों को ही दिया जाना है, और काम दलित श्रमिकों से ही कराना अनिवार्य है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों और एक बाबू की मिलीभगत से नियमों का उल्लंघन करते हुए चहेते ठेकेदार की फर्म ””एमएस कंस्ट्रक्शन”” को यह ठेका दिला दिया गया। 7 मार्च, 2025 को कार्य आदेश भी जारी हो गया, जिससे इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सौजन्य :अमर उजाला
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