ओडिशा सरकार ने ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड का गठन किया
भुवनेश्वर: राज्य सरकार ने गुरुवार को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के पुनर्वास और कल्याण के लिए राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड का गठन किया।
12 सदस्यों वाला यह बोर्ड ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अपनाई गई योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करेगा। सामाजिक सुरक्षा और विकलांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण मंत्री नित्यानंद गोंड की अध्यक्षता में यह बोर्ड ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के अनुसार ट्रांसजेंडरों के पुनर्वास और कल्याण के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करेगा।
अधिनियम में ट्रांसजेंडरों के प्रति संवेदनशील और गैर-कलंककारी कल्याणकारी योजनाएं और कार्यक्रम तैयार करने का प्रावधान किया गया है, साथ ही इसमें शिक्षण संस्थानों और रोजगार में भेदभाव न करने, स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और कई कल्याणकारी उपायों का प्रावधान भी शामिल है।
बोर्ड में स्वास्थ्य, पंचायती राज, आवास एवं शहरी विकास, कौशल विकास, उच्च शिक्षा तथा स्कूल एवं जन शिक्षा जैसे विभागों का प्रतिनिधित्व है। यह ट्रांसजेंडरों के लिए शिक्षा, रोजगार, आवास एवं स्वास्थ्य योजनाओं, ट्रांसजेंडर नीति के क्रियान्वयन तथा उनके लिए विभिन्न कल्याणकारी पहलों के क्रियान्वयन की देखरेख करेगा।
शिक्षा में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की भागीदारी अत्यंत कम होने के कारण, बोर्ड ट्रांसजेंडर छात्रों को उच्च शिक्षा और रोजगार प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा।
इसके साथ ही ओडिशा ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड बनाने वाला 20वां राज्य बन गया है। तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के साथ ओडिशा में भी ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों और कल्याण के लिए स्वतंत्र नीतियां हैं।
सौजन्य :न्यू इंडियन एक्सप्रेस
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