200 नेताओं की तैनाती…क्या गुजरात में अपनी खोई जमीन पाने के लिए जुट गई है कांग्रेस? इन तैयारियों से समझें
Rahul Gandhi Gujarat Plan: गुजरात के अहमदाबाद में पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद राहुल गांधी मिशन मोड में आ गए हैं। पार्टी ने राहुल गांधी के 15 अप्रैल के दौरे से पहले राज्य के लिए 200 पर्यवेक्षकों का ऐलान कर दिया है। जो नूतन गुजरात के लिए नई कांग्रेस बनाने की प्रक्रिया संभालेंगे।
Written by अचलेंद्र कटियार
- अहमदाबाद अधिवेशन के बाद कांग्रेस नेतृत्व का बड़ा फैसला
- गुजरात में जिला अध्यक्षों के चयन को 200 नेताओं की ड्यूटी
- राहुल गांधी 15 को अरवल्ली के मोडासा से करेंगे शुरुआत
राहुल गांधी 15 अप्रैल को फिर करेंगे गुजरात का दौरा।
बाद: कांग्रेस ने अहमदाबाद में अधिवेशन करने के बाद अब गुजरात में 200 से अधिक नेताओं की तैनाती कर दी है। पार्टी की तरफ से इन नेताओं को AICC और पीसीसी पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किया गया है। कांग्रेस आलाकमान द्वारा यह फैसला अधिवेशन खत्म होने के तीसरे दिन और राहुल गांधी के 15 अप्रैल के गुजरात के दौरे पर पहले लिया गया है। वह राज्य के अरवल्ली जिले से नूतन गुजरात के लिए ‘नई कांग्रेस’ के निर्माण की शुरुआत करेंगे। दरअसल कुछ समय पहले यह चर्चा सामने आई थी कि बीजेपी की तरह ही कांग्रेस भी अब गुजरात को ही प्रयोगशाला बनाएगी। पिछले पांच दिनों में जिस तरह से कांग्रेस गुजरात के मोर्चे पर सक्रिय हुई है उसके बाद चर्चा शुरू हो गई है कि क्या वाकई में राहुल गांधी 2027 के चुनाव में पीएम मोदी और अमित शाह के गृह राज्य में बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी करने जा रहे हैं। कांग्रेस ने इसके साथ राज्य में यूथ कांग्रेस की सदस्यता भी खोल दी है। सदस्यता अभियान 21 से 30 अप्रैल तक चलेगा। इसके बाद युवा कांग्रेस के भी चुनाव होंगे।
4+1 फॉर्मूले के साथ बनाई टीम
कांग्रेस ने गुजरात के अहमदाबाद में हुए अधिवेशन की थीम ‘न्यायपथ-संकल्प समर्पण और संघर्ष’ रखी थी। 8-9 अप्रैल को अधिवेशन के बाद अब कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर कैडर को तैयार करने के कमर कस ली है। राहुल गांधी इसकी शुरुआत 15 अप्रैल को अरवल्ली जिले से करेंगे। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अनुमति के बाद गुजरात में होने वाले ‘संगठन सृजन अभियान’ के लिए एआईसीसी और पीसीसी पर्यवेक्षकों की नियुक्त की जा रहा है। ये एआईसीसी और पीसीसी पर्यवेक्षक राज्य में जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों (शहर/जिला अध्यक्ष) के चुनाव की निगरानी करेंगे। कांग्रेस ने चार पीसीसी मेंबर और एक एआईसीसी पर्यवेक्षक को मिलाकर एक टीम बनाई है। जो कुल 41 जिलों में कांग्रेस जिला अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया को पूरा कराएंगे। कांग्रेस ने पहली बैठक अरवल्ली जिले के मोडासा में 15 अप्रैल को शाम तीन बजे रखी है।
गुजरात के कांग्रेस ने नियुक्त किए पर्यवेक्षक
क्या है कांग्रेस की तैयारी?
कांग्रेस ने 200 से अधिक नेताओं की ड्यूटी लगाकर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति का जहां ब्लूप्रिंट बनाया है तो इसके साथ ही संगठन को सक्रिय और मजबूत बनाने की रणनीति बनाई है। इसके तहत कांग्रेस ने जिला स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर बूथ और ब्लॉक स्तर पर संगठन मजबूत करेगी। कांग्रेस ने सोशल मीडिया मोबाइलाइजेशन रणनीति बनाई है जो हर जिला स्तर पर होगी। आगे की प्रक्रिया में कांग्रेस बीजेपी और NDA सरकार की विफलता को लोगों के बीच लेकर जाएगी। इसके लिए कांग्रेस घोषणापत्र और पैंफलेट का सहारा लेगी। इस सब के अलावा कांग्रेस ने तैयारी की है कि पार्टी जिला स्तर पर हर गली, गांव और कस्बे में कांग्रेस की विचारधारा पहुंचाएगी। पार्टी इसमें संदेश देगी कि गुजरात में कांग्रेस क्यों जरूरी है। जिसका जिक्र अधिवेशन के दूसरे दिन जयराम रमेश ने किया था।
लेखक के बारे में
अचलेंद्र कटियार
अचलेंद्र कटियार ने जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से पढ़ाई की है। इसके बाद मेरठ, कानपुर और दिल्ली के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समाचार पत्रों में काम किया।
साभार : नव भारत टाइम्स
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