Sambhal News: न्याय को भटक रही दुष्कर्म पीड़िता, पुलिस ने नहीं कराया दलित युवती का मेडिकल
चंदौसी। सीएमओ के चालक पर नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाने वाली युवती का तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मेडिकल नहीं कराया। युवती न्याय के लिए थानों के चक्कर काट रही है। युवती का आरोप है कि पुलिस उसे एक थाने से दूसरे थाने के चक्कर लगवा रही है। ऐसे में युवती को न्याय मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही।
थाना हयातनगर के एक गांव निवासी युवती ने सीएमओ के चालक पर नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए एक तहरीर चंदौसी कोतवाली में शुक्रवार को दी थी। जिसमें बताया गया था कि वर्ष 2022 में संभल सीएमओ के ड्राइवर ने स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर युवती से उसके शैक्षिक प्रमाणपत्र लिए थे। इसके बाद चालक ने 17 अगस्त वर्ष 2022 में युवती को अपने सरकारी क्वार्टर में बुलाया था। जहां उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही युवती का वीडियो बना लिया। कार्रवाई करने पर युवती को वीडियो वायरल करने की धमकी दी।
आरोप है कि जब युवती ने घटना की जानकारी एक महिला को दी, तो महिला ने चालक से उसके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। इस पर आरोपी चालक ने युवती से शादी करने का वादा किया और एक साल तक अपने साथ रखा।
इस दौरान चालक ने कई बार युवती के साथ दुष्कर्म किया। युवती ने बताया कि जब वह शुक्रवार को अपने परिजनों के साथ चंदौसी सरकारी अस्पताल में चालक के निवास पर अपने प्रमाणपत्र लेने गई, तो चालक ने उसके साथ मारपीट की।
अब युवती का कहना है कि शुक्रवार को उसने चंदौसी कोतवाली में तहरीर दी। लेकिन वहां कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोतवाली प्रभारी ने उससे रिपोर्ट दर्ज करने के लिए मना कर दिया और उसे बहजोई भेज दिया। जब वह बहजोई थाने गई, तो वहां भी पुलिस ने कार्रवाई करने का आश्वासन देकर वापस लौटा दिया।
युवती का आरोप है कि पुलिस ने तहरीर के तीन बाद भी उसका मेडिकल नहीं कराया। युवती का कहना है कि उसके साथ दुष्कर्म बहजोई और चंदौसी दोनों स्थानों पर किया गया। प्रभारी निरीक्षक मोहित चौधरी ने बताया कि मामला बहजोई थाने का होने पर युवती को बहजोई भेज दिया गया।
साभार : अमर उजाला








