बुलंदशहर: बाल कटवाने को लेकर दलित छात्र की बेरहमी से पिटाई, दोनों हाथ फ्रैक्चर, 8 शिक्षकों पर केस दर्ज
बुलंदशहर में बाल कटवाने को लेकर दलित छात्र की पिटाई का मामला सामने आया है। इस मामले में पेरेंट्स आरोप है कि स्कूल की ओर से पहले समझौते का दवाब बनाया गया। उन्होंने केस दर्ज कराया। इसके बाद स्कूल ने आरोपी शिक्षकों के खिलाफ एक्शन लिया।
राहुल सिंह, बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक दलित छात्र के बाल कटवाने को लेकर बेरहमी से पीटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कक्षा 12वीं के छात्र को स्कूल के आठ शिक्षकों ने डंडों से पीटा। आरोप है कि उसे जातिसूचक गालियां दी गई। मारपीट में छात्र के सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके कारण उसे टांके लगाने पड़े। साथ ही, मारपीट की इस घटना में उसके दोनों हाथों में फ्रैक्चर हो गया। घटना सामने आते ही हंगामा मच गया है। वहीं, अभिभावकों का आरोप है कि उन्हें इस मामले में पहले समझौते के लिए दबाव दिया गया। इसके बाद धमकियां भी मिली।
25 जनवरी की है घटना
दलित छात्र की पिटाई की यह घटना 25 जनवरी की है। सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल की इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सभी आरोपी शिक्षक दूसरी जाति के हैं। स्कूल प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। हालांकि, मामला तब उजागर हुआ जब छात्र के माता-पिता ने दबाव में हुए समझौते के बावजूद आरोपियों की लगातार धमकियों के कारण 5 मार्च को एफआईआर दर्ज करवाई।
बोर्ड परीक्षा से रोकने की कोशिश
पीड़ित छात्र की मां माया रानी ने बताया कि उनके बेटे ने जनवरी में बाल कटवाए थे। इसे शिक्षकों ने अनुचित बताया और उसे फटकार लगाई। अगले ही दिन 25 जनवरी को बच्चे को बेरहमी से पीटा गया। इस घटना के बाद छात्र गंभीर मानसिक आघात और शारीरिक चोटों के कारण एक महीने तक बिस्तर पर पड़ा रहा, जिससे वह अपनी बोर्ड परीक्षा की तैयारी भी सही से नहीं कर सका।
माया रानी का आरोप है कि आरोपी शिक्षकों ने उनके बेटे को यूपी बोर्ड की परीक्षा देने से रोकने की भी कोशिश की और बार-बार धमकियां दीं। परेशान होकर उन्होंने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया। उन्होंने आरोपी शिक्षकों की गिरफ्तारी की मांग की।
आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में सोनू कुमार, विपिन कुमार, दीपक कुमार, मनोज कुमार (I), मनोज कुमार (II), योगेश कुमार, योगेंद्र और प्रशांत के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन शिक्षकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 191(2) (दंगा), 110 (गंभीर हमले का प्रयास), 115(2), 117(4) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
स्कूल प्रशासन ने क्या कहा?
स्कूल के प्रधानाचार्य पुरूषोत्तम शर्मा ने कहा कि हमारे स्कूल में इस तरह के अनुशासनहीन व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामला सामने आते ही आरोपी शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। हम पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे। वहीं, सर्कल अधिकारी शोभित कुमार ने बताया कि जांच जारी है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, छात्र की हालत स्थिर है। वह अपनी बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहा है।
सौजन्य: नवभारत टाइम्स








