समानता की अवधारणा को तय करने की जरूरत : डॉ. सुनिता
लैंगिक समावेशन पहल के लिए आरएन कॉलेज जिले के नोडल केंद्र के रूप में चयनितलैंगिक समावेशन पहल के लिए आरएन कॉलेज जिले के नोडल केंद्र के रूप में चयनि
बिहार सरकार ने लैंगिक समावेशन पहल के लिए राजनारायण महाविद्यालय को वैशाली जिले के नोडल केंद्र के रूप में चयन किया है। शनिवार को कॉलेज सभागार में आईक्यूएसी एवं जेंडर सेंसिटाइजेशन सेल द्वारा बिहार उच्च शिक्षा परिषद पटना एवं पटना विश्वविद्यालय के यूजीसी महिला अध्ययन केंद्र के सहयोग से जेंडर समावेशन एवं समानता पहल पर आयोजित सेमिनार में प्राचार्य डॉ रवि कुमार सिन्हा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने सेमिनार के उद्देश्य की चर्चा करते हुए कहा कि वैशाली के अर्ध-शहरी क्षेत्र में लैंगिक समावेशन को सफल बनाने के उपायों की पहचान करना है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से सेमिनार में विचार-विमर्श में भाग लेने और भविष्य के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों के संकायों को भी आमंत्रित किया गया था। प्राचार्य ने बताया कि महाविद्यालय में रोजगार और क्षमता निर्माण के लिए योग और ताइक्वांडो, कम्युनिकेशन और सॉफ्ट स्किल के प्रशिक्षण के लिए सुविधाएं बनाई हैं। कॉलेज इन्हें अन्य सह-संस्थाओं के साथ साझा करने के लिए तैयार है। मुख्य वक्ता के रूप में पटना विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र की विभागाध्यक्षा डॉ. सुनिता रॉय ने कहा कि लिंग का मतलब महिला नहीं है। इसमें पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राजा राममोहन राय जैसे पुरुषों की कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता ने ही महिलाओं के लिए समान दर्जा सुनिश्चित किया। कार्यस्थल पर लैंगिक समानता, पितृसत्तात्मक मानसिकता व पूर्वाग्रह और भ्रूण हत्या को दूर करने की आवश्यकता, संवैधानिक अधिकारों की
सुनिश्चितता की आवश्यकता पर डॉ. राय ने बल दिया। उन्होनें कहा कि न्याय के आधार पर समानता की अवधारणा को तय करने की जरूरत है। इसके पूर्व, विषय-प्रवेश के क्रम में डॉ अर्चना कुमारी ने लैंगिक समानता के समक्ष चुनौतियों की चर्चा की। डॉ अनुराधा जायसवाल ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में महिलाओं की चुनौतीपूर्ण संघर्ष की बात की। डॉ. मोना तबस्सुम ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिकता का मतलब यह नहीं है कि महिलाएं पश्चिम का अंधानुकरण करें, उन्हें अपनी संस्कृति का सम्मान करना भी सीखना चाहिए। आधी आबादी से ही समाज का विकास बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद, पटना एवं पीएम-उषा के सलाहकार डॉ. जितेन्द्र राय ने छात्राओं को कई तरह से सशक्त बनाने के लिए कॉलेज की पहल की सराहना की तथा शिक्षा विभाग के सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जब तक आधी आबादी जीवन की मुख्यधारा में शामिल नहीं हो जाती, तब तक समाज का विकास नहीं हो सकता। उन्होंने केंद्रीय अनुदान प्राप्त करने के लिए नैक मान्यता की आवश्यकताओं पर भी प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन डॉ खालिद हुसैन सिद्दकी ने किया प्रश्नोत्तर सत्र में जमुनीलाल कॉलेज के डॉ. रजनीश अपना वक्तव्य दिया कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए स्वयं आगे आना चाहिए। बीएमडी कॉलेज, दयालपुर की डॉ. पूजा कुमारी ने महिला छात्राओं को कॉलेज आने और कक्षाओं में भाग लेने के लिए कैसे आकर्षित करने के प्रश्न को उठाया। सेमिनार में वैशाली महिला कॉलेज से डॉ. शबनम परवीन, डॉ. सरिता कुशवाहा और डॉ. संध्या कुमारी, जमुनीलाल कॉलेज से डॉ. प्रीति कुमारी और डॉ. रजनीश कुमार के साथ ही कॉलेज के प्राध्यापक, कार्यालय कर्मचारी और छात्र-छात्राओं ने सक्रियता से चर्चा में भाग लिया। हाजीपुर 09 नोडल केंद्र के रूप में चयनित आरएन कॉलेज में शनिवार को आयोजित सेमिनार में मौजूद वक्ता।
सौजन्य: लाइव हिंदुस्तान
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