MP के भिंड में तहसील क्लर्क ने दलित महिला को जूतों से पीटा, पुलिस ने दर्ज किया मामला
गोहद के एसडीएम पराग जैन ने बताया कि घटना के वीडियो को देखने के बाद उन्होंने इसकी जानकारी कलेक्टर को दी। भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने आरोपी बाबू नवल किशोर गौड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
भोपाल। मध्य प्रदेश के भिंड जिले की गोहद तहसील में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक सरकारी क्लर्क (बाबू) ने दलित महिला के साथ मारपीट की और उसे जूतों से पीटा। महिला किसी सरकारी काम से तहसील कार्यालय पहुंची थी, जहां उसके साथ यह दुर्व्यवहार हुआ।
लोधे की पाली गांव निवासी 55 वर्षीय दीपा जाटव सोमवार को किसी सरकारी दस्तावेज से संबंधित काम के लिए गोहद तहसील कार्यालय पहुंची थीं। महिला का आरोप है कि तहसील में पदस्थ बाबू नवल किशोर गौड़ ने पहले काम करने के बदले रिश्वत ली थी, लेकिन फिर भी उसका काम पूरा नहीं किया। जब महिला ने इसका विरोध किया और अपने काम के बारे में पूछताछ की, तो बाबू ने गाली-गलौज शुरू कर दी।
स्थिति बिगड़ने पर बाबू ने पहले महिला को थप्पड़ मारे और फिर अपना जूता निकालकर उसे पीटने लगा। महिला चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन वहां मौजूद अन्य लोग तमाशबीन बने रहे और किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की।
घटना के दौरान महिला को गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, महिला को चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें लगी हैं और उसका इलाज चल रहा है।
वीडियो से हुआ घटना का खुलासा
यह पूरा मामला तब सामने आया जब घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में देखा जा सकता है कि बाबू महिला पर थप्पड़ों और जूते से हमला कर रहा है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
गोहद के एसडीएम पराग जैन ने बताया कि घटना के वीडियो को देखने के बाद उन्होंने इसकी जानकारी कलेक्टर को दी। भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने आरोपी बाबू नवल किशोर गौड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन के दौरान उसे एंडोरी तहसील में अटैच किया गया है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस ने आरोपी बाबू के खिलाफ मारपीट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक असित यादव ने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और दोषी को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
पीड़ित महिला दीपा जाटव का कहना है कि उसने नवल किशोर गौड़ को अपने सरकारी काम के लिए रिश्वत दी थी, लेकिन बाबू ने न तो काम किया और न ही पैसे लौटाए। जब उसने अपना काम करने की बात कही तो बाबू ने अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया और फिर मारपीट पर उतर आया।
सौजन्य: द मूकनायक
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