कन्नौज में दलित छात्रा के घर पहुंचे नेता विपक्षी दल:परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया, बोले- पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया
कन्नौज में फांसी लगाकर सुसाइड करने वाली दलित किशोरी के घर नेता विपक्षी दल माता प्रसाद पांडेय पहुंचे। यहां उन्होंने किशोरी के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही पुलिस की अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली। इसके पहले वह सपा कार्यालय पहुंचे। जहां पार्टी नेताओं से बातचीत की थी।
यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय आज कन्नौज स्थित पार्टी के जिला कार्यालय पहुंचे। यहां कुछ समय रुकने के बाद वह सदर कोतवाली क्षेत्र में दलित छात्रा के घर पहुंचे। 24 जुलाई को उसका शव गांव के बाहर पेड़ पर लटका मिला था। उन्होंने छात्रा के परिजनों से बात की पुलिस की और पुलिस की कार्रवाई के बारे में जानकारी की।
कन्नौज में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले।
गांव के बाहर लटका मिला शव
परिजनों ने बताया कि छात्रा बाजार गई थी। जहां से वह वापस घर नहीं लौटी और अगले ही दिन उसका शव गांव के बाहर पेड़ पर लटका मिला। छात्रा के परिजनों का कहना है कि उनके पड़ोस के गांव के कुछ युवक परेशान करते थे। जिसकी शिकायत छात्रा ने घर पर की थी। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने परिवार को ढांढस बंधाया और फिर चले गए।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि दलित किशोरी की हत्या मामले को पुलिस ने शुरू से ही गम्भीरता से नहीं लिया। पुलिस इसको हत्या मान नहीं रही थी, लेकिन जब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया और प्रतिनिधि मंडल को गांव भेजा तो पुलिस ने छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में एक युवक को अरेस्ट किया और जिसको जेल भेज दिया।
भाजपा सरकार उत्पीड़न पर अड़ी
वहीं, सपा प्रतिनिधि मंडल के अयोध्या नहीं जाने और कन्नौज के मुद्दे को बार-बार उछालने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वहां जांच चल रही है। उसके आधार पर कार्रवाई हो रही। अयोध्या मामले में सपा ने डीएनए जांच करवाने की मांग की है। जबकि यूपी की भाजपा सरकार पिछड़ों, दलितों और मुसलमानों का उत्पीड़न करने पर तुली है।
सौजन्य :दैनिक भास्कर
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