गाज़ियाबाद : ज्ञानस्थली का ‘गालीबाज’ डायरेक्टर गिरफ्तार, दलित छात्र से अभ्रदता में कॉलेज की मान्यता भी स्थगित
गाजियाबाद में मोदीनगर-हापुड़ मार्ग पर स्थित ज्ञानस्थली विद्यापीठ एवं एबीएम संस्थान के संचालक द्वारा अनुसूचित वर्ग के छात्र से अभद्रता के मामले में पुलिस आरोपी हरिओम शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गाजियाबाद में मोदीनगर-हापुड़ मार्ग पर स्थित ज्ञानस्थली विद्यापीठ एवं एबीएम संस्थान के संचालक द्वारा अनुसूचित वर्ग के छात्र से गाली-गलौज और अभद्रता के मामले में पुलिस आरोपी हरिओम शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि गत 22 जुलाई को सोशल मीडिया में इसका एक ऑडियो वायरल हुआ था। वायरल ऑडियो में कॉलेज के संचालक एक छात्र से अभद्रता कर रहे हैं। इतना ही नहीं वह जातिसूचक शब्दो का भी प्रयोग कर रहे हैं। इस मामले को लेकर लगातर धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं।
एसीपी मसूरी सर्किल नरेश कुमार ने बताया कि आरोपी हरिओम शर्मा को शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंनेन्हों नेबताया कि अब आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
छात्र से अभद्रता पर कॉलेज की मान्यता स्थगित
वहीं, हीं ज्ञानस्थली इंस्टीट्यूट के चेयरमैन हरिओम शर्मा द्वारा दलित छात्र से फोन पर अभद्रता और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने कार्रवाई की है। सीसीएसयू ने कॉलेज की संबद्धता एक साल तक स्थगित करते हुए बीएड काउंसिलिंग में नाम नहीं भेजने का फैसला किया है। इससे कॉलेज का बीएड सत्र 2024-26 शून्य रहेगा। भविष्य में जांच रिपोर्ट के बाद और कठोर कार्रवाई पर भी विचार करेगा। शुक्रवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में
सीसीएसयू ने उक्त फैसला लिया।
कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला एवं रजिस्ट्रा र धीरेंद्र वर्मा की मौजूदगी में हुई ईसी की बैठक में चार सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर सीसीएसयू ने ज्ञानस्थली इंस्टीट्यूट पर कार्रवाई की। चेयरमैन का ऑडियो वायरल होने के बाद विभिन्न छात्र संगठनों ने कैंपस में प्रदर्शन करते हुए कॉलेज पर कठोर कार्रवाई की मांग की थी। इस दौरान पुलिस और छात्र संगठनों में नोकझोंकझों भी हुई।
भड़के छात्र संगठन, पुलिस तैनात : दलित छात्र से अभ्रदता पर शुक्रवार को कैंपस में छात्र संगठनों ने कुलपति दफ्तर पर धरना-प्रदर्शन किया। सपा छात्रसभा के महानगर अध्यक्ष हैविन खान, समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष शशिकान्त गौतम, भीम आर्मी छात्रसभा के प्रभारी शान मोहम्मद, रोहित नानपुर, प्रसन्न जीत गौतम सहित अनेक छात्रों ने विवि से कार्रवाई की मांग की। छात्र संगठनों ने कुलपति को ज्ञापन सौंपसौं ते हुए विवि पर कार्रवाई में देरी के आरोप लगाए।
छात्र संगठनों ने दावा किया कि तीन दिन पहले घटना की जानकारी के बावजूद विवि ने कार्रवाई नहीं की। हालांकि विवि ने आरोपों को गलत बताया। चीफ प्रॉक्टर प्रो.वीरपाल ने कहा कि सूचना मिलते ही जांच कमेटी बना दी गई थी। घंटेभर हंगामे के बाद मामला कार्रवाई के आश्वासन पर शांत हुआ।
सौजन्य:लाइव हिंदुस्तान
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