दलित नाबालिग युवती का अपहरण एवं बलात्कार करने का मामला दर्ज, पिता बोले- बेटी नहीं मिली तो कर लूंगा आत्महत्या
रामगढ़ (अलवर / राधेश्याम गेरा) रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बगड तिराया थाना अंतर्गत 17 वर्षीय दलित नाबालिग युवती का मुस्लिम समाज के युवक द्वारा अपहरण कर धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने का मामला सामने आया । जिसमें मुस्लिम युवक पर नाबालिक युवती का अपहरण कर धर्म परिवर्तन करा निकाह कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का परिजनों ने आरोप लगाया है । थानाधिकारी ने युवती के पिता द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर अपहरण ,पोक्सो एवं बलात्कार की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है ।
नाबालिक युवती के पिता द्वारा थाने पर दर्ज रिपोर्ट में बताया है कि 13 अप्रैल को उसकी नाबालिक बेटी बड़ौदामेव बाजार में पाजेब ठीक करवाने के लिए कुछ नगद राशि लेकर गई थी। लेकिन देर शाम तक घर नहीं पहुंची तो इधर-उधर काफी तलाश किया लेकिन बेटी का कोई पता नहीं लगा ।
बाद में पता चला कि हमारे परिचित साबिर खां जो बेटी का अपहरण कर ले गया । इसकी शिकायत साबिर के परिजनों को दी तो उसके पिता ने कहा कि उसके बेटे ने तेरी बेटी का धर्म परिवर्तन करा निकाह कर लिया है अब वह उसकी पत्नी है । 15 अप्रैल को थाने में दी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अपहरण, बलात्कार और पोक्सो व एसटी व एससी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है । मामले की जांच डीएसपी ओमप्रकाश बिश्नोई को दी गई है ।
आज मंगलवार को पीड़ित परिवार के साथ दलित समाज के लोग इकट्ठा होकर न्याय की गुहार लगाने के लिए रामगढ़ डीएसपी के समक्ष पेश हुए । डीएसपी ने आश्वासन दिया कि दो दिन चुनाव चल रहे हैं उसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा । वही नाबालिक बेटी के पिता ने कहां की यदि मेरी बेटी नहीं मिली और पुलिस प्रशासन से न्याय नहीं मिला तो मैं आत्महत्या कर लूंगा ।
डीएसपी ओमप्रकाश बिश्नोई ने बताया कि बगड तिराया थाना अंतर्गत एक नाबालिक के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी बेटी बाजार गई थी तो एक युवक उसका अपहरण कर ले गया उसके साथ संबंध बनाया इस संदर्भ में पुलिस ने अपहरण दुष्कर्म में पोक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सौजन्य :जी एक्सप्रेस
नोट: यह समाचार मूल रूप से gexpressnews.com में प्रकाशित हुआ है|और इसका उपयोग पूरी तरह से गैर-लाभकारी/गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए विशेष रूप से मानव अधिकार के लिए किया गया था।








