मंदिर के चापाकल से पानी पिया…दलित महिलाओं की पिटाई:बेतिया में 17 दिन चली पंचायत, फैसला न होने पर अब कराई FIR
बेतिया में मंदिर के चापाकल पर पानी पीने गई दो दलित महिलाओं के साथ मारपीट की गई। कहा गया कि इस चापाकल से पानी लेकर मंदिर में चढ़ाते हैं। इसके बाद जातिसूचक गालियां दी गई। घटना 2 जनवरी गोपालपुर थाना इलाके के दुखी छापर गांव की है।
बीते 18 दिन से गांव में ही पंचायत कर मामला सुलझाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन आज दोनों महिलाओं ने एससीएसटी थाने में लिखित प्राथमिकी दर्ज कराई है।
क्या हैं आरोप
थाने को दिए आवेदन में एक पीड़िता किशनावती देवी ने बताया है कि दो जनवरी को दिन में 11 बजे वह अपनी रिश्तेदार सुगंधी देवी के साथ सरेह जा रही थी। इसी दौरान दोनों को प्यास लगी। वो लोग भसहवा के उत्तर स्थित मंदिर में जाकर चापाकल से पानी पीने लगीं।
इसी दौरान वहां रह रहे करीमन यादव पहुंचा। उसने जातिसूचक गाली देते हुए कहा कि तुम लोगों को होश नहीं है। इस चापाकल से हमलोग मंदिर में जल चढ़ाते हैं। उसके बाद और ज्यादा गाली देने लगे। सुगंधी देवी ने गाली देने से मना किया तो करीमन यादव मारपीट करने लगा। हल्ला-गुल्ला सुनकर आसपास के लोग भी वहां पहुंचे, तब मामला शांत हुआ।
इस मामले में ग्रामीण स्तर पर पंचायती चल रही थी। पंचायती में समस्या हल नहीं होने पर उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई है।
थानाध्यक्ष राणा प्रसाद ने बताया कि किशनावती देवी की शिकायत पर दुखी छापर निवासी करीमन यादव के खिलाफ मारपीट व दलित उत्पीड़न की धारा में एफआईआर दर्ज की गयी है। प्रशिक्षु दारोगा संध्या कुमारी मामले की जांच कर रही हैं। इस घटना में शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
सौजन्य: दैनिक भास्कर
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