रजनी गगवानी को शुक्रवार को डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान दलितों के चुनाव में भागेदारी पर किया था शोध
श्री शिवचरण माथुर राजकीय महाविद्यालय मांडलगढ़ में कार्यरत सहायक आचार्य रजनी गगवानी को शुक्रवार को डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की दलितों के चुनाव में भागेदारी पर किया था शोध गई।
गगवानी ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के राजनीति विज्ञान विभाग के सेवानिवृत्ति डीन प्रोफेसर संजय लोढ़ा के मार्गदर्शन में ‛राजस्थान में दलित समुदाय की चुनावी सहभागिता : भीलवाड़ा जिले की मांडलगढ़ एवं शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र का तुलनात्मक अध्ययन’ विषय पर अपना शोध कार्य पूर्ण किया है। गगवानी ने बताया कि दलित समुदाय में मतदान के स्तर पर तो चुनावों में सहभागिता बढी है किंतु चुनाव लड़ने के स्तर पर वह केवल आरक्षित क्षेत्र तक ही सीमित है। विशेष रूप से महिलाओं में अपने जनप्रतिनिधियों के प्रति जागृति का अभाव देखा गया। जिसका प्रमुख कारण संचार साधनों से ग्रामीण महिलाओं की दूरी है। साथ ही दलित जातियों में पाए जाने वाला स्तरीकरण शासन शक्ति से उनकी दूरी को बढ़ाता है। गगवानी ने इस शोध कार्य को पूर्ण करने में सहायता करने वाले उनके पर्यवेक्षक प्रोफेसर संजय लोढ़ा, अपने माता-पिता माया देवी व अशोक कुमार गगवानी, मार्गदर्शक स्वर्गीय आर. पी. जोशी प्रोफेसर जे. पी. जोशी व सोमा जोशी, प्रोफेसर शैलजा उपमन्यु, प्रोफेसर धर्मेंद्र मिश्रा, प्रोफेसर पयोद जोशी, सह आचार्य ममता चांवरिया व डॉ. शोभा गौतम तथा कोटा विश्वविद्यालय की जूनियर रिसर्च फेलो शुभम ओझा के प्रति आभार व्यक्त किया है। गगवानी ने बताया कि उनका शोध कार्य दलितों की चुनावी भागीदारी को बढ़ाने में किए जाने वाले राजकीय प्रयासों को और अधिक उन्नत करने के लिए तथ्य तथा सुझाव प्रस्तुत करता है।
सौजन्य- प्रेसनोट
नोट : समाचार मूलरूप सेpressnote.in में प्रकाशित हुआ है| मानवाधिकारों के प्रति सवेदन शीलता व जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित|









