युवती के परिजनों को पुलिस ने नहीं जाने दिया कोर्ट : पिता बोले- दूसरे मामले में उलझाया, न्याय नहीं मिला तो एसपी ऑफिस आकर आत्म दाह करूंगा
उन्नाव सदर कोतवाली के काशीराम चौकी के अंतर्गत दलित युवती की एक साल पहले हत्या हुई थी। जिसका आरोप पूर्व मंत्री के बेटे पर लगा था। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ और आरोपियों को जेल भेजा गया। इसमें सुनवाई चल रही है।
परिजनों का आरोप है कि आज लखनऊ न्यायालय में सुनवाई थी और उन्हें कोर्ट जाना था। उसके पहले ही पुलिस ने उन्हें जाने से रोक दिया और दोपहर तक अन्य मामलों का हवाला देकर उलझाए रखा। जिस पर गुस्साए परिजनों ने एसपी ऑफिस के बाहर हंगामा किया। इसके बाद डीएम कार्यालय पहुंचकर बैठ गए। परिजनों ने कहा यदि आरोपियों की बेल हुई तो इसके जिम्मेदार पुलिस-प्रशासन होगा।
काशीराम कॉलोनी की रहने वाली दलित युवती की हत्या के मामले में सपा के पूर्व मंत्री फतेह बहादुर सिंह के बेटे राजू सिंह और उसके साथी आरोपी हैं। 10 फरवरी 2022 को कब्बा खेड़ा स्थित दिव्यानंद आश्रम से पुलिस ने उसका शव बरामद किया था। जिसके बाद मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ और मंत्री फतेह बहादुर के बेटे राजोल सिंह, अशोक सिंह आश्रम के पंडित समेत अन्य आरोपियों को जेल भेजा गया था। मामले की सुनवाई न्यायालय में विचाराधीन है।
पुलिस उनको मुकदमे की पैरवी के लिए नहीं जाने दी
आज लखनऊ में सुनवाई होनी थी प्रकरण में परिजनों को भी जाना था। कोर्ट जाने से पहले ही पुलिस ने माता-पिता को अन्य दूसरे मामलों का हवाला देकर उन्हें उलझाए रखा। जिसके बाद परेशान परिजन एसपी ऑफिस पहुंचे और उन्होंने हंगामा काटा। इसके बाद एसपी ने उनकी बात सुनी और मामले को शांत कराया। परिजन डीएम कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए पिता मुकेश ने आरोप लगाया कि आज सुनवाई होनी थी। पुलिस प्रशासन ने हमें जाने नहीं दिया। यदि आरोपियों की बेल हो जाती है तो इसके जिम्मेदार पुलिस और प्रशासन होगा। मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं एसपी ऑफिस आकर आत्म दाह करूंगा।
सौजन्य : Danik bhaskar
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