हितग्राहियों से लगवाया अंगूठा, खाते से निकाली राशि
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से धोखाधड़ी का मामला
ठेकेदार जाहिद खान पर एससीएसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज
बालाघाट. प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर बैगा आदिवासी हितग्राहियों से धोखाधड़ी करने पर ठेकेदार के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। जिले के आदिवासी अंचल के ग्राम तल्लाबोड़ी के हितग्राहियों से धोखाधड़ी कर उनके आवास नहीं बनाने वाले ठेकेदार ग्राम चिखलाझोड़ी निवासी जाहिद खान के खिलाफ रूपझर पुलिस ने धारा 406, 506 और एससीएसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार जिले के बैहर से उकवा के बीच स्थित ग्राम परसाटोला के राामाटोला और गोगाटोला के बैगा आदिवासियों के साथ प्रधानमंत्री आवास के नाम पर छल किया गया था। इन दोनों ही टोलों में करीब ९० प्रतिशत बैगा आदिवासी निवासरत है। शासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत गोगाटोला में वर्ष 2016-17 से वर्ष 2021-22 तक 21 आवास स्वीकृत हुए है। इनमें से 4 मकान वर्ष 2021-22 में स्वीकृत हुए है। 16 मकान पूर्ण हो चुके है और 1 मकान छत स्तर पर हितग्राही बुधारी सिंह का है, जो पलायन कर गया है। ग्राम में भगतसिंह पिता गुहरी, रविन्द्र पिता जेठू कच्चे मकान में रहता है। भगतसिंह पिता गुहरी का नाम पलायन होने के कारण आवास सूची में नहीं जोड़ा गया है। रविन्द्र पिता जेठू का नाम सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना-2011 में शामिल है। रविन्द्र वर्तमान में पलायन कर चुका है और उसका नाबालिग पुत्र गांव में रहता है। यहां पर आवास का निर्माण ठेके पर किया गया था। लेकिन आवास का निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा गुणवत्ताहीन व आधा अधूरा निर्माण कर पूरी राशि खर्च कर दी गई है। अब ये बैगा आदिवासी स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। जिनके द्वारा आवास को पूर्ण करवाए जाने की मांग की जा रही है। इधर, पीडि़त हितग्राहियों ने इस मामले की शिकायत रुपझर थाने में की थी। शिकायत के आधार पर रुपझर पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।
चार हितग्राहियों से की थी धोखाधड़ी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ठेकेदार जाहिद खान द्वारा ग्राम तल्लाबोड़ी के प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही रमेश उईके, शीला बाई मड़ावी, धूपा बाई मरावी, चैनसिंह मरावी से अंगूठा लगवाकर उनके खाते की राशि आवास बनाने के नाम पर दो किश्तों की 70-70 हजार रुपए निकाल ली गई है और आवास नहीं बनाया गया है। इन हितग्राहियों का आवास प्लिंथ लेबल तक ही बना है। आवास बनाने की बात करने पर ठेकेदार जाहिद खान द्वारा हितग्राहियों को जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देश पर हितग्राहियों के साथ पंचायत समन्वय अधिकारी, विकासखंड समन्वयक, सचिव व ग्राम रोजगार सहायक द्वारा रूपझर थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई है।
पूर्ण नहीं हो पाए हैं आवास
पीडि़त आदिवासियों ने बताया कि उनके गांव में अधिकांश मकान कच्चे झोपड़ेनुमा है। योजना के तहत बनाए गए आवासों में भी किसी में खिड़की तो किसी में दरवाजों के पल्ले नहीं लगाए गए हैं। किसी भी मकान में शौचालय नहीं बनाया गया है। कुछ पीएम आवास की कच्ची छत है तो कुछ आवास में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखने से दिवारें सीपेज मारती है। खिड़की, दरवाजे नहीं लगाए जाने से पालतु मवेशी और जंगली जानवर घरों में प्रवेश कर जाते हैं।
सौजन्य : Patrika
नोट : यह समाचार मूलरूप से patrika.com में प्रकाशित हुआ है. मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशीलता व जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है !









