Video : दलित सरपंच को समाज से बहिष्कृत करने के आरोप में 11 गिरफ्तार
नागौर जिले के पांचौड़ी थाना क्षेत्र के दांतीणा ग्राम पंचायत के दलित सरपंच को प्रताडि़त करने व उसे समाज से बहिष्कृत करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 11 जनों को गिरफ्तार किया है। दांतीणा सरपंच श्रवणराम मेघवाल ने आरोपियों के खिलाफ 12 दिसम्बर को रिपोर्ट देकर मामला दर्ज कराया था।
नागौर पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने बताया कि सरपंच को प्रताडि़त करने व उसका सामाजिक बहिष्कार करने के मामले में नागौर वृत्ताधिकारी के नेतृत्व में पांचौड़ी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दांतीणा निवासी आरोपी पदमसिंह (60) पुत्र कानसिंह राजपूत, तेजसिंह (40) पुत्र रामसिंह राजपूत, रामूराम (55) पुत्र फुसाराम जाट, उमाराम (68) पुत्र मानाराम मेघवाल, लुणाराम (80) पुत्र धुड़ाराम मेघवाल, श्रवणराम (52) पुत्र बालुराम मेघवाल, प्रहलादराम (60) पुत्र मघाराम मेघवाल, किशनाराम (61) पुत्र झुमरराम मेघवाल, प्रतापराम (60) पुत्र धुड़ाराम मेघवाल, जोराराम (77) पुत्र सुरताराम मेघवाल, उमाराम (65) पुत्र मोडाराम मेघवाल को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 8 आरोपी मेघवाल जाति से होने के कारण उन पर एससी-एसटी एक्ट की धारा नहीं लगी, इसलिए उनकी हाथों-हाथ जमानत हो गई।
यह था मामला
पीडि़त सरपंच श्रवणराम (35) पुत्र मुलतानाराम मेघवाल ने गत 12 दिसम्बर को पांचौड़ी थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि 9 दिसम्बर को ग्राम पंचायत दांतीणा में गांव के लोग एकत्र हुए, जिसमें सभी समाज व जाति के व्यक्ति मौजूद थे। उनमें मुख्य रूप से दांतीणा निवासी पूर्व सरपंच शेराराम पुत्र फुसाराम जाट, उप सरपंच भगवतसिंह सांखला पुत्र जेठमलसिंह राजपूत, रामूराम पुत्र फुसाराम जाट, पंच उमाराम पुत्र मोडाराम मेघवाल, लूणाराम कटारिया, किशनाराम पुत्र झुमरराम मेघवाल, श्रवणराम कटारिया, जोराराम, उमाराम पुत्र मोडाराम, उमाराम पुत्र मानाराम मेघवाल, प्रतापराम पुत्र धुड़ाराम मेघवाल, प्रहलादराम पुत्र मघाराम मेघवाल करीब 50 व्यक्ति थे। सभी ने उसे फोन पर दबाव देकर पंचायत में बुलाया। सरपंच ने बताया कि आरोपियों ने कहा कि आपके भाई मूलाराम ने जीतूसिंह हत्या की है, इसलिए आपके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे तथा आप व आपके परिवार को समाज व गांव से बहिष्कृत करके हुक्का-पानी बंद करेंगे। सरपंच ने कहा कि जीतूसिंह की हत्या से उसका कोई लेना-देना नहीं है, यदि उसके भाई ने हत्या की है तो उसे सजा मिलेगी।
पंचों ने कहा – हम अपने आप में स्वयंभू, हमारा खौफ है
पीडि़त सरपंच ने रिपोर्ट में बताया कि पंचायत में मौजूद शेराराम, भगवतसिंह, रामूराम, उमाराम, जोराराम, लूणाराम, किशनाराम, श्रवणराम, उमाराम, प्रतापराम प्रहलादराम आदि ने कहा कि हम सभी लोग अपने आप में स्वयंभू पंच हैं। पंचों का खौफ है। उसे वहां पर एक पैर पर खड़ा किया तथा कहा कि हाथ जोड़ कर एक पैर पर खड़ा रह। आरोपियों ने उसे प्रताडि़त किया था शारीरिक कष्ट देकर गाली गलोच भी की। इसके बाद सभी ने उसे व उसके परिवार को गांव व समाज से बहिष्कृत करने का फरमान जारी कर दिया। साथ ही कहा कि कोई भी गांव की दुकान वाले इनको किराणा का सामान नहीं देंगे तथा उदसके घर किसी का भी आना जाना नहीं रहेगा। साथ ही कहा कि पंचों के निर्णय से बचना है तो 5 लाख रुपए दण्ड देना पड़ेगा। साथ ही उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए।
सौजन्य :पत्रिका
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