CJP को ‘सबक सिखाने’ हिंदू रक्षा-दल ने भेजे 150 लोग:35 कार्यकर्ता प्रदर्शन में घुसे, लोगों को पीटने वाला बोला- पुलिस मुझसे खुश रहती है
10 अक्टूबर 2026, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के आसपास भारी पुलिस बंदोबस्त था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई। कई लोगों को हिरासत में लिया गया। इसी दौरान भगवा गमछा पहने कुछ लोग पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों को पीटा, लाठियों से डराया। इनके वीडियो वायरल हो गए।
दिल्ली पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कहानी सिर्फ इन चार लोगों तक सीमित नहीं है। दिल्ली और यूपी में एक्टिव हिंदू रक्षा दल के नेताओं ने दावा किया कि संगठन के 150 से ज्यादा लोग तीन राज्यों से दिल्ली गए थे। इनमें 35 लोग प्रदर्शन वाली जगह तक पहुंचे। दैनिक भास्कर से बातचीत में संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में जाने और प्रदर्शनकारियों को ‘सबक सिखाने’ की बात कही।
यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा से लड़के बुलाए, 15-20 गाड़ियां गाजियाबाद से गईं
हिंदू रक्षा दल के संयोजक संकेत कटारा बताते हैं, ‘हम दिल्ली में चारों तरफ से घुसे थे। सोनीपत, नोएडा और गाजियाबाद की तरफ से कई लड़के भीतर गए। संगठन के अध्यक्ष पिंकी भैया के बेटे हर्ष चौधरी और उत्तराखंड अध्यक्ष ललित शर्मा के नेतृत्व में 15-20 गाड़ियां गाजियाबाद से निकली थीं। 150 से ज्यादा लोग साथ थे।’
‘बाकी जगहों से भी गाड़ियां आईं। हर्ष को पुलिस ने रास्ते में गिरफ्तार कर लिया। बाकी को गाजीपुर बॉर्डर पर रोक दिया। 35 लोग अंदर जाने में कामयाब रहे। इसमें दिल्ली के कार्यकर्ता शामिल नहीं हैं।’
संकेत के मुताबिक, उत्तराखंड, यूपी और हरियाणा के 25-30 जिलों से लड़के दिल्ली आए थे। इनकी संख्या ज्यादा होती, लेकिन करीब 30 जिलों में कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। दिल्ली में ही 130 कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट थे।’
‘कांग्रेस, आप और CJP के प्रोटेस्ट पर नजर, वहीं सबक सिखाएंगे’
संकेत कहते हैं, ‘हम पार्टियों को आगाह कर रहे हैं, चाहे आम आदमी पार्टी हो, कांग्रेस या CJP, जो भी दिल्ली में आगे प्रदर्शन करेगा, हिंदू रक्षा दल के सदस्य उसमें शामिल होंगे। सनातन के खिलाफ जो भी बोलेगा, उसे वहीं सबक सिखाएंगे।’
‘CJP का पहला प्रोटेस्ट भी हमने देखा था। कॉमेडियन कुणाल कामरा ने सीता मां के लिए अपशब्द कहे, तब हम ट्रिगर हुए। तब से ये हमारी नजर में हैं। हमें मजबूरन कानून हाथ में लेना पड़ा, क्योंकि प्रशासन हमारी नहीं सुन रहा था।’
CJP के प्रदर्शन से तीन दिन पहले रैली, यहीं प्लानिंग
जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन से तीन दिन पहले 7 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस के इंदिरा चौक पर रैली निकली थी। इसमें नारे लगाए गए- दिल्ली पुलिस लट्ठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं।
रैली में शामिल हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता अभिषेक के मुताबिक, 6 तारीख से ही पिंकी भैया के वीडियो आने लगे थे। वे कह रहे थे कि कॉकरोच को इस बार लट्ठ से सबक सिखाना है। तभी से हम तैयार थे। इंदिरा चौक की रैली बहुत छोटी थी। 10 अक्टूबर को असली फिल्म रिलीज हुई। दिल्ली में रहने वाले हमारे कई कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए और प्लानिंग हुई कि प्रदर्शनकारी बनकर हम भी अंदर घुस जाएंगे।
7 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के इंदिरा चौक पर निकली हिंदू रक्षा दल की रैली में कम ही लोग पहुंचे थे। इसमें दिल्ली पुलिस के समर्थन में नारे लगाए गए थे।
7 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के इंदिरा चौक पर निकली हिंदू रक्षा दल की रैली में कम ही लोग पहुंचे थे। इसमें दिल्ली पुलिस के समर्थन में नारे लगाए गए थे।
गिरफ्तार किए गए लोग कौन
- रवींद्र गोविंद, गो प्रमुख, हिंदू रक्षा दल
‘पुलिस ने वार्निंग दी है, फिर भी कॉकरोचों को मारूंगा’
10 अक्टूबर को प्रदर्शनकारियों से मारपीट के वायरल वीडियो में रवींद्र गोविंद नजर आया। एक वीडियो में वह कहता है, ‘मेरी ऊपर तक पहुंच है। सारे पुलिसवाले मुझे जानते हैं। मैं यहां कॉकरोचों का इलाज करने आया हूं।’
इसके बाद रवींद्र के कई जगह मारपीट करते हुए वीडियो सामने आए। दिल्ली पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। रवींद्र का कहना है, ‘मैं गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल का गो प्रमुख हूं। ट्रैवल का छोटा सा बिजनेस है। कई घर हैं, जिनसे किराया आता है। इसी से खर्च चलता है। फुल टाइम सनातनी एक्टिविस्ट हूं। पिंकी चौधरी हमारे अध्यक्ष हैं। उनके कहने पर ही हम दिल्ली गए थे।’
हाथ में भगवा गमछा लिए दिख रहा शख्स रवींद्र गोविंद है। उसका एक लड़के को पीटते हुए ये वीडियो वायरल हुआ था।
मारपीट के सवाल पर रवींद्र ने बताया, ‘पहले हमें मारने की कोशिश की गई थी। हमने खुद को बचाने के लिए उन्हें मारा। एक बात और, भगवान राम के खिलाफ जो भी बोलेगा, उसे छेद देंगे। कॉकरोचों से कहना चाहता हूँ, आंदोलन करना है, तो शांति से करो। गलत बात बोलोगे, तो मार खाओगे।’
पुलिस ने कब गिरफ्तार किया? रवींद्र ने बताया है, ‘पुलिस रात 12 बजे उठाकर ले गई। वार्निंग दी कि आगे से शांति भंग नहीं होनी चाहिए, लेकिन हमारे राम के खिलाफ कोई बोलेगा, तो मारेंगे। मैं गो रक्षक हूं। गाय पर अत्याचार होता देखता हूं, तो किसी भी थाने में फोन कर देता हूं। पुलिस मुझे अच्छे कैरेक्टर का लड़का मानती है। मुझसे खुश रहती है।’
रमन सैनी, कार्यकर्ता, हिंदू रक्षा दल
‘परिवार को धमकी मिल रही, आंख उठाई तो चीर-फाड़ दूंगा’
रवींद्र गोविंद के साथ ब्राउन शर्ट और ब्लू जींस पहने एक व्यक्ति भी मारपीट करते दिखता है। इसका नाम रमन सैनी है। रमन भी हिंदू रक्षा दल का कार्यकर्ता है।
ब्राउन कलर की शर्ट में दिख रहा शख्स रमन है। दिल्ली के नांगलोई में रहता है। उसका केबल का बिजनेस है।
रमन का कहना है, ‘हम कहीं और जा रहे थे। रास्ता बंद था। पुलिस ने कहा- दूसरी तरफ से जाओ। उधर गए तो कई लोगों ने गाड़ी पर श्रीराम लिखा देखकर घेर लिया। उस पर थूका भी। हमें गुस्सा आया। फिर हमने उन्हें मारा। गिरफ्तारी के बाद डेढ़ दिन में जमानत मिल गई। मेरे घर पर अब भीड़ लग रही है और धमकियां मिल रही हैं। मेरे घर पर आंच आई, तो सबको चीर-फाड़ दूंगा।’
चार गिरफ्तार, लेकिन वीडियो में और भी चेहरे
रवींद्र और रमन के अलावा FIR में नामजद दो लोग विवेकानंद उर्फ विक्की और कपिल हैं। विवेक दिल्ली के बुराड़ी का रहने वाला है और ट्रेडिंग का काम करता है। कपिल नोएडा में रहता है और एक कंपनी में काम करता है।
इन चारों के अलावा भी कई लोग वायरल वीडियो में नजर आते हैं। इनमें दीपक सिसोदिया भी है। दीपक खुद को हिंदू रक्षा दल का कार्यकर्ता बताता है। इंस्टाग्राम पर उसके 4.5 हजार फॉलोअर्स हैं। एक वीडियो में दीपक कहता है, ’कॉकरोच मान जाओ या हम मना देंगे।’
सफेद शर्ट पहने ये दीपक सिसोदिया है। दीपक का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वो लोगों को लाठी दिखाकर धमका रहा है।
हिंदू लीगल फंड ने पैसा दिया, डॉक्टर ने मदद की
मारपीट के वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने देर रात 12 से 2 बजे के बीच चारों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। सबसे पहले विक्की और रमन को, फिर कपिल और सबसे आखिर में रवींद्र को उसके घर से उठाया गया।
चारों के खिलाफ BNS की धारा 126 और 135 के तहत केस दर्ज किया गया। धारा 126 किसी व्यक्ति का रास्ता जानबूझकर रोकने से जुड़ी है। इसमें एक महीने की जेल और 5 हजार रुपए जुर्माना हो सकता है। धारा 135 किसी व्यक्ति को गलत तरीके से बंधक बनाने की कोशिश में मारपीट या बल प्रयोग करने से जुड़ी है। इसमें एक साल तक की जेल हो सकती है।
जमानत के बाद रवींद्र और रमन का एक वीडियो सामने आया था। इसमें दोनों एक दिन में जमानत मिलने की बात करते हैं। कुछ लोग माला पहनाकर उनका स्वागत करते हैं।
रवींद्र और रमन के जमानत पर बाहर आने के बाद उनका स्वागत किया गया था। इसमें पिंकी चौधरी भी मौजूद हैं।
रवींद्र के मुताबिक, जमानत दिलाने में कई लोगों और संगठनों ने मदद की।
पहला- डॉ. प्रकाश, डेंटिस्ट
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। फेसबुक पर 20 लाख और इंस्टाग्राम करीब 2 लाख फॉलोअर हैं। डॉ. प्रकाश ने कई वीडियो में लोगों को जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को सबक सिखाने की बात कही है। प्रकाश डेंटिस्ट हैं। रवींद्र के मुताबिक, उसने प्रदर्शन वाली से प्रकाश को ही वीडियो भेजा था। प्रकाश ने इसे कई जगह अपलोड किया।
दूसरा- हिंदू लीगल फंड
इस संस्था ने चारों आरोपियों की जमानत के लिए मुचलके भरे। इसे 2024 में राहुल दीवान ने बनाया था। वे उद्यमी हैं। संस्था कानूनी लड़ाई में फंसे हिंदूवादी एक्टिविस्टों की मदद करती है। संस्था का लक्ष्य एक हजार करोड़ रुपए जुटाना है। अब तक 26 करोड़ रुपए से ज्यादा का चंदा मिल चुका है।
तीसरा- नुपुर जे. शर्मा
रवींद्र के मुताबिक, नुपुर जे. शर्मा ने वीडियो वायरल होने के बाद सबसे पहले वकील को थाने भेजा। वकील का नाम दीपक है। नुपुर जे. शर्मा न्यूज प्लेटफॉर्म ऑप इंडिया की एडिटर इन चीफ हैं।
हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष बोले- 50 केस दर्ज, 5 हजार हो जाएं, तब भी नहीं रुकेंगे’
संगठन के कार्यकर्ताओं पर लगे हिंसा के आरोपों पर पिंकी चौधरी का कहना है कि सारे आरोप सही हैं। हम आगे भी ऐसा करते रहेंगे। पिंकी चौधरी कहते हैं, ‘पुलिस अपना काम सही तरीके से कर रही होती, तो हिंदू रक्षा दल को बीच में आने की जरूरत ही नहीं पड़ती। जुलाई में हुए प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को पीटा था। पुलिसकर्मी डरकर भाग रहे थे। उनके हाथ संविधान से बंधे हुए हैं, हमारे नहीं।’
‘मेरे खिलाफ 50 से ज्यादा केस हैं, लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं है। मेरे खिलाफ 5 हजार केस भी हो जाएं, तब भी मैं देश की रक्षा करता रहूंगा।’
प्रदर्शन में हिंदू युवा वाहिनी, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और RSS से जुड़े लोगों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे। हालांकि, RSS के एक वरिष्ठ पदाधिकारी कहते हैं, ‘सारे आरोप बेबुनियाद हैं। ये कौन लोग थे, हमें नहीं पता। बजरंग दल, VHP या RSS ने अपने कार्यकर्ताओं को वहां जाने के लिए नहीं कहा था।’
पुलिस का पक्ष जानने के लिए हमने सेंट्रल दिल्ली के DCP रोहित राजवीर सिंह से बात की। उन्होंने बताया कि ये मारपीट और चोट पहुंचाने का मामला है। जांच चल रही है। फिलहाल आगे की कार्रवाई नहीं की गई है। अब तक किसी संगठन के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की गई है।
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र








