‘दलितों के लिए तय राशि का पूरा लाभ नहीं मिला’:SC फंड के इस्तेमाल पर कांग्रेस का सवाल, कहा- सरकार बताए कितना खर्च हुआ
उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के अधिकारों और उनके लिए तय बजट को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। रविवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और नेता कुंवर सिंह निषाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार दलित समाज के लिए तय संसाधनों का पूरा इस्तेमाल नहीं कर रही हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत अनुसूचित जाति के लिए तय राशि का लाभ जिस तरह मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा है।
1978-79 में शुरू हुई थी योजना
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, अनुसूचित जाति के सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिए 1978-79 में स्पेशल कंपोनेंट प्लान शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति की आबादी के अनुपात में विकास योजनाओं के लिए संसाधन तय करना था।
अगले साल खर्च करने की मांग
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी वित्तीय वर्ष में अगर तय राशि पूरी खर्च नहीं हो पाती है तो उसे अगले वित्तीय वर्ष में ले जाकर अनुसूचित जाति के विकास कार्यों पर खर्च किया जाना चाहिए। इसे कैरी फॉरवर्ड व्यवस्था कहा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी में इस व्यवस्था का पालन नहीं हो रहा है। उनके मुताबिक, दलित समाज के लिए तय राशि दूसरी योजनाओं में इस्तेमाल हो रही है या खर्च नहीं होने पर लैप्स हो रही है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इसका असर छात्रों की छात्रवृत्ति, दलित बस्तियों के विकास और युवाओं से जुड़ी योजनाओं पर पड़ रहा है।
सरकार से मांगा बजट का हिसाब
कांग्रेस ने सरकार से एससी कंपोनेंट के तहत आवंटित, खर्च और बची राशि का विभागवार ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि अनुसूचित जाति के लिए कितना बजट तय हुआ, कितना खर्च हुआ और कितनी राशि बची।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ बजट का नहीं है। इसका सीधा संबंध शिक्षा, रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक भागीदारी से है। पार्टी ने कहा कि वह इस मुद्दे को आगे भी उठाएगी।
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र









