20 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं एकलव्य विद्यालय की छात्राएं, शिकायतों पर भड़के मुख्यमंत्री, कलेक्टर को फोन पर सुनाया
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में शिवपुर एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं के अपनी समस्याओं को लेकर 20 किलोमीटर पैदल कलेक्ट्रेट तक पहुंचने की घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ी नाराजगी जताई है। सीएम ने कलेक्टर से फोन पर बात कर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बिजली, मेस व पढ़ाई की समस्याओं का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां शिवपुर एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं को अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधानके लिए मजबूरन 20 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट तक पहुंचना पड़ा। इस घटना ने पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मु ख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे बेहद कड़ाई से लिया है और सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से फोन पर बात कर पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की है।
बच्चियों को पैदल निकलना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं – CM साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर से दो टूक शब्दों में कहा कि छात्राओं को अपनी समस्याओं के लिए विद्यालय से सड़क पर पैदल उतरना पड़े, ऐसी स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कड़े सवाल उठाते हुए पूछा कि जब विद्यालय में लंबे समय से बिजली और अन्य बुनियादी समस्याएं बनी हुई थीं, तो संबंधित अधिकारियों ने समय रहते उनका समाधान क्यों नहीं किया? आखिर ऐसी नौबत क्यों आई कि मासूम बच्चियों को इतना लंबा सफर पैदल तय करना पड़ा?
लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज: मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आदिवासी अंचलों में जीरो टॉलरेंस: सीएम ने स्पष्ट किया है कि आदिवासी क्षेत्रों के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और सुविधाओं के साथ किसी भी स्तर पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिजली, मेस और शिक्षकों की समस्या का हो तत्काल समाधान
मुख्यमंत्री ने विद्यालय की छात्राओं द्वारा उठाई गई सभी प्रमुख मांगों- जैसे बिजली की आपूर्ति, शिक्षकों की कमी, नियमित पढ़ाई, मेस की व्यवस्था और साफ-सफाई—का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल मौजूदा समस्याओं का समाधान करना ही काफी नहीं है, बल्कि ऐसी पुख्ता व्यवस्था बनाई जाए ताकि भविष्य में छात्राओं को अपनी शिकायतों के लिए प्रशासनिक दरवाजों तक न आना पड़े।
नियमित समीक्षा और सतत निरीक्षण के निर्देश
प्रशासनिक कसावट लाते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह हिदायत दी है कि वे छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण और समीक्षा करें। सरकार आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए लगातार संसाधन उपलब्ध करा रही है, और यह मैदानी अधिकारियों की जवाबदेही है कि वे योजनाओं का लाभ सही तरीके से बच्चों तक पहुंचाएं।
हमारे बच्चे हम पर विश्वास करके आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी छोटी से छोटी समस्या को भी संवेदनशीलता के साथ सुनना और उसका समयबद्ध समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है।
विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र








