दलित महिला से दुष्कर्म मामले पर ऐपवा-खेग्रामस का विरोध जुलूस
ऐपवा और खेग्रामस ने सोमवार को 60 वर्षीय दलित महिला के साथ हुए दुष्कर्म के खिलाफ विरोध दिवस मनाया। पार्टी कार्यालय से जुलूस निकला। जुलूस भगत सिंह चौक पहुंचा। वहां सभा हुई। इस दौरान सरकार विरोधी नारे लगे।
संगठनों ने मांग की कि मजदूरी मांगने गई 60 वर्षीय दलित महिला से रेप करने वाले दबंग बुलेचन सिंह को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उसके पिता सुधीर सिंह को भी कड़ी सजा मिले। पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए। पीड़िता का समुचित इलाज कराया जाए। इलाज के लिए 10 लाख की सहायता दी जाए। मुफस्सिल थाना प्रभारी को जवाबदेह मानते हुए मुअत्तल किया जाए। केस का अनुसंधान दूसरे पुलिस पदाधिकारी से कराया जाए।
सभा में अखिल भारतीय खेत एवं मजदूर सभा के जिला सचिव कॉ अजित कुमार मेहता ने कहा, मजदूरी मांगने गई 60 वर्षीय दलित महिला के साथ बलात्कार हुआ। उनके प्राइवेट पार्ट पर हार्ड पदार्थ से हमला किया गया। यह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। उन्होंने कहा, मोदी-सम्राट के राज में सामंती अपराधियों का मनोबल बढ़ा है। कानून का डर नहीं है। पुलिस अपराधियों को बचाने में लगी है। इसी कारण पीड़ित परिवार को लगातार धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा, पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है। ऐसी स्थिति में मुफस्सिल थाना प्रभारी को मुअत्तल करना होगा। रेप पीड़िता का समुचित इलाज सरकार कराए।
ऐपवा की जिला अध्यक्ष कामरेड सुदामा देवी ने कहा, इस सामंती सांप्रदायिक व्यवस्था में बेटियां और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। दरिंदों ने 60 वर्ष की महिला के साथ बलात्कार किया।
सौजन्य :जस्टिस न्यूज़
माध्यम :समाचार पत्र









