सड़क किनारे छोले-कुलचे बेचकर परिवार चलाते थे पिता, अब बेटा पहनने जा रहा है टीम इंडिया की जर्सी
श्रीलंका के दौरे पर जाने वाली भारतीय अंडर-19 टीम में अर्जुन राजपूत को चुना गया है, जो आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है। क्रिकेट खेलने के लिए काफी संघर्ष करने के बाद, अपने चयन के बारे में जानकर उन्हें बहुत खुशी हुई। उनके पिता, जो लुधियाना में छोले-कुलचे का स्टॉल लगाते हैं, हमेशा उनके लिए एक मजबूत सहारा रहे हैं। अर्जुन ने पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह से मिले सहयोग को भी याद किया; हरभजन की अकादमी में ही अर्जुन ने पहली बार क्रिकेट खेलना शुरू किया था।
अर्जुन राजपूत ने कहा, “मैंने 8 या 9 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था; शुरुआत में मैं हरभजन की अकादमी में खेलता था, जहाँ कोच ने मेरी बहुत मदद की।” उन्होंने बताया कि जब क्रिकेट अकादमी बंद हो गई तो उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, क्योंकि उन्हें खेलने के लिए जगह ढूंढने में संघर्ष करना पड़ा।
अर्जुन के पिता, जो जालंधर में एक गाड़ी से छोले-कुलचे बेचते हैं, ने उन्हें कभी खेलने से नहीं रोका; बल्कि उन्होंने उनका हौसला बढ़ाया। अर्जुन ने याद करते हुए कहा, “जब मेरे पिता ने क्रिकेट में मेरी दिलचस्पी देखी, तो उन्होंने मुझे आगे बढ़ने के लिए कहा और भरोसा दिलाया कि घर की जिम्मेदारियाँ वे संभाल लेंगे।” उन्होंने बताया कि उनकी माँ और परिवार के बाकी सदस्यों ने भी उनका साथ दिया।
**हरभजन सिंह ने पढ़ाई में भी मदद की**
अर्जुन राजपूत ने बताया कि क्रिकेट खेलने के शुरुआती दिनों में वे कई बार हरभजन सिंह से मिले थे। उन्होंने कहा कि पूर्व क्रिकेटर ने उनकी पढ़ाई में भी मदद की। उन्होंने कहा, “मुझे हरभजन सिंह का सहयोग मिला; मैं उनकी अकादमी के लिए खेला और उन्होंने मेरी पढ़ाई में भी मदद की। मैंने छह साल तक स्कॉलरशिप पर पढ़ाई की।”
**अर्जुन राजपूत का ODI सीरीज के लिए चयन**
भारतीय अंडर-19 टीम और श्रीलंका अंडर-19 टीम के बीच तीन मैचों की ODI सीरीज तय की गई है, जिसका पहला मैच 4 जुलाई को खेला जाएगा। इसके अलावा, दो मल्टी-डे मैच भी होंगे। अर्जुन को ODI टीम के लिए चुना गया है, जिसकी कप्तानी यशवर्धन सिंह करेंगे। टीम में राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ को भी चुना गया है।
सौजन्य :समाचारनामा
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