Katihar News: 21 साल बाद भी नहीं खत्म हुआ ‘वनवास’, जमीन का पट्टा लेकर दर-दर भटक रहे 600 दलित परिवार
कटिहार के मनिहारी में 600 अनुसूचित जाति व जनजाति के परिवार 21 साल से अपनी आवंटित जमीन के कब्जे का इंतजार कर रहे हैं। 2004-05 में बैजनाथपुर दियारा में बंदोबस्ती परवाना मिलने के बावजूद, दबंगों ने जमीन पर कब्जा कर रखा है। लाभुक मालगुजारी रसीद कटाते हैं, पर फसल दबंगों की होती है। विधायक ने त्वरित कार्रवाई की मांग की है, जबकि सीओ ने सीमांकन कार्य शुरू होने की बात कही है।
प्रीतम ओझा, मनिहारी (कटिहार)। रामायण में चौदह साल के वनवास के बाद मर्यादा पुरुषोत्तम राम को अयोध्या मिल गई। महाभारत में भी तेरह वर्ष के वनवास के बाद पांडवों को अपना राज्य मिल गया, लेकिन मनिहारी प्रखंड क्षेत्र के करीब 600 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों को बंदोबस्ती परवाना मिले इक्कीस साल बाद भी जमीन का हक नहीं मिल सका है।
मामला मनिहारी अंचल के बैजनाथपुर दियारा का है। अब जमीन के लिए ये लाभुक दर-दर पर हाजिरी लगा रहे हैं। मंगलवार को भी अंचल कार्यालय और अनुमंडल कार्यालय जमीन की आस लिए पहुंचे थे। बताया जाता है कि नगर पंचायत, बाघमारा, दिलारपुर, केवाला, नवाबगंज, नारायणपुर सहित अन्य पंचायत क्षेत्र के इन अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति परिवार को बैजनाथपुर मौजा में खाता नंबर 739/21 के विभिन्न खेसरा से गैर मजरूआ जमीन बंदोबस्ती परवाना वित्तीय वर्ष 2004- 05 में दी गई थी।
प्रत्येक परिवार को लगभग एक एकड़ या उससे कुछ अधिक जमीन मिली थी। किंतु अब तक मापी नहीं कराई गई है। लाभुक अमर पासवान, महावीर, माेसमात पंची, नारद, कलेश्वर मंडल, विश्वनाथ रविदास, संजय रजक, लालटू आदि ने बताया कि बिचौलियों व दबंगों का जमीन पर कब्जा है। बंदोबस्ती परवाना के तहत मालगुजारी रसीद वो कटाते हैं, लेकिन फसल दबंगों की जमीन पर लहलहाती है। जमीन की आस में कई बुजुर्ग परलोक सिधार गए।
इस मामले में मिली शिकायत पर यथाशीघ्र पहल के लिए कहा गया है। सरकार की कथनी व करनी में जमीन आसमान का फर्क है। इस संबंध में अधिकारियों से यथाशीघ्र पहल करने की मांग की गई है। -मनोहर प्रसाद सिंह विधायक, मनिहारी। वो मनिहारी के प्रभार में है, फिर भी वरीय अधिकारियों के दिशा निर्देश के आलोक में दखल दहानी को लेकर सीमांकन का कार्य शुरु कराया गया है।अमीन को प्रतिनियुक्त किया गया है। पूरी स्थिति के अवलोकन व मापी का कार्य शुरू कर दिया गया है। -मो इस्माइल, प्रभारी सीओ मनिहारी
सौजन्य :दैनिक जागरण
नोट: यह समाचार मूल रूप से https://www.jagran.com/bihar/katihar-katihar-la पर प्रकाशित किया गया है और इसका उपयोग विशुद्ध रूप से गैर-लाभकारी/गैर-वाणिज्यिक उद्देश्यों, विशेष रूप से मानवाधिकारों के लिए किया जाता है।









