विमुक्त घुमंतू जाति यूथ रिसोर्स सेंटर में कार्यशाला:दलित-मुसहर समुदाय के 50 महिला-पुरुषों को मिला अधिकारों की जानकारी
पिंडरा। विमुक्त, दलित और मुसहर समुदाय के युवाओं को नेतृत्व, अधिकारों और ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने हेतु बेलवा नट बस्ती में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में लगभग 50 महिला-पुरुषों को प्रशिक्षित किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यशाला सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चली। इसमें चकिंदर, विक्रमपुर, बेलवा, खरगपुर, फत्तेपुर, लठिया और पिंडराई सहित विभिन्न गांवों से दलित एवं मुसहर समुदाय के प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यशाला का संचालन उड़ान संस्था एवं नट समुदाय संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं संयोजक प्रेम कुमार नट ने किया। उन्होंने विमुक्त समाज के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह समुदाय वर्षों से सामाजिक उत्पीड़न का सामना कर रहा है और आज भी अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्षरत है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान, प्रतिभागियों को पंचायती राज अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत की भूमिका, नागरिक सहभागिता और पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं के उपयोग की प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया गया, ताकि जरूरतमंद लोग समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
प्रेम कुमार नट ने आदर्श गाँव की अवधारणा पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि एक आदर्श गाँव में प्रत्येक परिवार के पास पक्का आवास और शौचालय होना चाहिए, सभी को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ मिलनी चाहिए, हर घर में बिजली, स्वच्छ पेयजल, एलपीजी गैस की सुविधा हो, सड़कें अच्छी हों और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ग्राम पंचायत में सक्रिय भागीदारी निभाएं, योजनाओं की निगरानी करें और अपने गाँव को आदर्श गाँव बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास करें। युवा नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यशाला का यह सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सौजन्य :दैनिक भास्कर
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