तमिलनाडु: कांचीपुरम में दलित महिला की निर्मम हत्या, फैक्ट्री में कबाड़ के बीच मिला शव
तमिलनाडु के एनाथूर में कार्डबोर्ड फैक्ट्री में काम करने वाली 38 वर्षीय महिला की लोहे की छड़ से पीटकर हत्या, आभूषण लूटपाट की भी आशंका, दलित संगठनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग|
तमिलनाडु: कांचीपुरम जिले के एनाथूर के पास एक कार्डबोर्ड बॉक्स निर्माण इकाई में काम करने वाली 38 वर्षीय दलित महिला शनिवार शाम (5 जुलाई) को सिर पर गंभीर चोटों के साथ मृत पाई गई। महिला की पहचान सेल्वी उर्फ हेप्सी के रूप में हुई है, जो अंडी सिरुवल्लूर गांव की रहने वाली थी और महज एक हफ्ते पहले ही इस फैक्ट्री में काम पर लगी थी।
पुलिस के मुताबिक, सेल्वी की हत्या लोहे की छड़ से पीट-पीटकर की गई। घटनास्थल से उसकी लगभग छह सोवरेन वजनी ज्वेलरी – सोने की चेन, झुमके और थाली (मंगलसूत्र) – गायब पाई गई।
शनिवार सुबह सेल्वी काम के लिए घर से निकली थी लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। इसके बाद उसके पति सुरेश और परिवार के अन्य सदस्य उसे ढूंढने निकले। फैक्ट्री परिसर में पहुंचने पर उन्होंने वहां एक कर्मचारी सेंथिल को अत्यधिक नशे की हालत में बाहर पड़े हुए पाया।
उससे कोई साफ जवाब न मिलने पर परिवार के लोग गोदाम के अंदर गए, जहां कबाड़ के बीच छुपाकर रखा गया सेल्वी का शव बरामद हुआ। इसके बाद पोननेरीकराई पुलिस को सूचना दी गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए कांचीपुरम सरकारी अस्पताल भेजा गया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यौन उत्पीड़न के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हत्या का मकसद सिर्फ आभूषण लूटना था या इसके पीछे कोई और वजह भी है। अधिकारी यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि वारदात किसी अंदर के व्यक्ति ने की या कोई बाहरी व्यक्ति फैक्ट्री में घुसा था।
फैक्ट्री के मालिक प्रवीण कुमार और एक अन्य कर्मचारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। वहीं, सेंथिल के फरार हो जाने की खबर है और उसकी तलाश जारी है।
चूंकि सेल्वी अनुसूचित जाति समुदाय से थीं, इस घटना के बाद दलित संगठनों ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि कोई बाहरी व्यक्ति घटना में शामिल था या नहीं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
सौजन्य : द मूकनायक
नोट: यह समाचार मूल रूप से https://www.themooknayak.com/dali प्रकाशित किया गयाहै और इसका उपयोग विशुद्ध रूप से गैर-लाभकारी/गैर-वाणिज्यिक उद्देश्यों, विशेष रूप से मानवाधिकारों के लिए किया जाता है।









