Etah News: एटा में योगीराज के बावजूद, भूमाफियाओं के वर्दीधारी गुंडे दलित के घर जाकर दे रहे बैनामा करने की धमकी, परिवार दहशत मे
पीड़ित ने कोतवाली नगर पुलिस को कई बार शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही उन भूमाफियाओं के खिलाफ कोई कार्यवाही की।
Etah News: उत्तर प्रदेश के एटा जनपद मुख्यालय पर स्थित थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम पूंठ निवासी एक दलित गरीब मजदूर, मेघ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी तथा अपने परिवार की जान-माल की रक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि एक स्थानीय भूमाफिया गिरोह उसकी जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहता है। जब उसने जमीन का बैनामा करने से इनकार किया, तो वर्दीधारी दो पुलिसकर्मी उसके घर पहुँचकर धमकी देने लगे।
पीड़ित मेघ सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि उसकी कुछ जमीन आगरा रोड स्थित मोती गैस के पास है, जिस पर कुछ यादव समुदाय के भूमाफियाओं की नजर है। यह घटना मंगलवार शाम करीब 5 बजे की है, जब दो सिपाही उसके घर आए और उसकी पत्नी व बच्चों को धमकाया। उन्होंने साफ-साफ कहा,“अपने पति को समझा दो कि शिकायतें करना बंद करे और मुन्नी देवी के नाम जमीन का बैनामा कर दे, वरना या तो जान से जाएगा या जेल में सड़ेगा।”
इस घटना के बाद से दलित परिवार दहशत में है। मेघ सिंह का कहना है कि ये पुलिसकर्मी भूमाफियाओं के एजेंट की तरह काम कर रहे थे और पुलिसिया दबाव बनाकर अवैध कब्जा कराने की कोशिश कर रहे हैं।पीड़ित ने यह भी बताया कि इसी तरह की घटना सपा शासनकाल में भी हुई थी, जब भूमाफियाओं ने उसकी निजी पैतृक भूमि के एक हिस्से पर जबरन निर्माण कर लिया था। अब वे शेष बची जमीन पर भी पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से कब्जा करना चाहते हैं। कब्जे की
कोशिश के साथ-साथ वे अब वर्दीधारी गुंडों की मदद से जबरदस्ती बैनामा कराने की धमकी भी दे रहे हैं।
मेघ सिंह ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि उन्हें और उनके परिवार को पुलिस और भूमाफियाओं के गठजोड़ से जान-माल का गंभीर खतरा है। उन्होंने तत्काल सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है और आशंका जताई है कि पुलिस उन्हें झूठे मुकदमों में फँसाकर प्रताड़ित कर सकती है। उनका आरोप है कि एटा थाना व सिविल लाइन चौकी की पुलिस इन भूमाफियाओं को खुला संरक्षण दे रही है और उनकी शिकायत पर एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही, उल्टा उन्हें ही जेल भेजने की धमकी दी जा रही है।
पीड़ित ने कहा कि योगीराज में भी सपा शासनकाल जैसी स्थितियाँ बनती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने पूर्व में भी मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को पत्र भेजकर जान-माल की सुरक्षा की माँग की थी और शिकायत की थी कि कुछ लोग गुंडागर्दी कर उन्हें उनकी ही जमीन पर जाने नहीं दे रहे हैं। वे खुलेआम सड़क पर कुर्सियाँ डालकर बैठते हैं और दलित जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर उन्हें डराते हैं।
पीड़ित ने कोतवाली नगर पुलिस को कई बार शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही उन भूमाफियाओं के खिलाफ कोई कार्यवाही की।उल्टा, पुलिस ने भूमाफियाओं को बुलाकर उन्हें दी गई तहरीर दिखा दी और मुझ पर दबाव बनाने के लिए मेरे घर भेज दिया।मेघ सिंह ने माँग की है कि उनकी दोनों एफआई दर्ज की जाएँ और भूमाफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए।
एक ओर सरकार “सबके लिए न्याय” और “दलितों की सुरक्षा” की बात करती है, वहीं जब वर्दीधारी खुद ही गुंडों की भूमिका में उतर आएँ, तो गरीबों का विश्वास किस पर रहेगा?आखिर ये वर्दीधारी धमकी देने वाले गुंडे कौन हैं? किसके संरक्षण में ये धमकियाँ दे रहे हैं?ये कहाँ से आए और कहाँ चले गए ,यह सब भी जाँच और कार्यवाही का विषय है।
उक्त संबंध में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर, अमित कुमार ने बताया कि, “पीड़ित की तहरीर मुझे प्राप्त हुई है, मामले की जाँच की जा रही है। मैंने उनके घर कोई भी पुलिस नहीं भेजी। वहाँ वर्दी में कौन गया, इसकी मुझे जानकारी नहीं है।”अब देखना यह होगा कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस गरीब दलित मजदूर की की पुकार सुनते हैं, या फिर वर्दीधारी गुंडों का यह आतंक यूँ ही जारी रहेगा?
सौजन्य : न्यूज़ ट्रैक
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